दैनिक भास्कर हिंदी: धरना खत्म कर बोले केजरीवाल- पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष

June 20th, 2018

हाईलाइट

  • दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल के ऑफिस में चल रहा दिल्ली सरकार का धरना मंगलवार को खत्म हो गया।
  • अपनी तीन मांगों को लेकर अरविंद केजरीवाल तीन कैबिनेट मंत्रियों के साथ 9 दिनों से धरने पर बैठे थे।
  • अरविंद केजरीवाल, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, मंत्री सत्येंद्र जैन और गोपाल राय LG के घर में वेटिंग रूम में धरने पर बैठे थे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल के ऑफिस में चल रहा दिल्ली सरकार का धरना मंगलवार को खत्म हो गया। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कांफ्रेंस करके दिल्ली सरकार का धरना ख़त्म होने की जानकारी दी। बता दें कि अपनी तीन मांगों को लेकर अरविंद केजरीवाल तीन कैबिनेट मंत्रियों के साथ 9 दिनों से धरने पर बैठे थे।

 


हमारी अफसरों से लड़ाई नहीं थी
मनीष सिसोदिया ने धरना खत्म करने का ऐलान करते हुए कहा, मंत्रियों के बुलाने पर अफसर मीटिंग में अब शामिल हो रहे है। हमारी अफसरों से किसी तरह की लड़ाई नहीं थी। अधिकारी अब ऐसा संकेत दे रहे हैं कि उन्हें ऊपर से मंत्रियों के साथ मीटिंग करने का आदेश मिल गया है। यह अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि राशन का मुद्दा अब भी बना हुआ है, हम उस पर संघर्ष जारी रखेंगे। जनता के बीच लड़ेंगे।

 

 

 

जारी रहेगा संघर्ष
वहीं अरविंद केजरीवाल ने एलजी हाउस से बाहर आने के बाद कहा, ये संघर्ष तब तक चलेगा जब तक दिल्ली को पूर्ण राज्य का हक़ नहीं मिल जाता" केजरीवाल ने कहा, 'हम आईएएस अधिकारियों के खिलाफ नहीं है, 99 प्रतिशत अधिकारी अच्छे इंसान हैं, हमने दिल्ली की भलाई के लिए उनके साथ काम किया है, केंद्र और एलजी द्वारा हस्तक्षेप का वह केवल चेहरा भर थे।

 

 


LG की केजरीवाल को चिट्ठी
इससे पहले LG ने सीएम अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखी और उनसे अनुरोध किया कि वे सचिवालय में तत्काल अधिकारियों से मिलें ताकि दिल्ली वासियों के हित में बातचीत के माध्यम से दोनों पक्षों की आशंकाओं और चिंताओं पर गौर कर सके। एलजी आवास से धरना समाप्त करने के बाद जब सीएम अरविंद केजरीवाल सीएम ऑफिस पहुंचे तो पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।

क्या है मामला?
अपनी तीन मांगों को मनवाने के लिए पिछले सोमवार से दिल्ली के चीफ मिनिस्टर अरविंद केजरीवाल, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, मंत्री सत्येंद्र जैन और गोपाल राय LG के घर में वेटिंग रूम में धरने पर बैठे थे। हालांकि सत्येंद्र जैन और मनष सिसोदिया की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दिल्ली सरकार की जो मांगे थी उनमे...

- पहली मांग दिल्ली में हड़ताल पर गए IAS अधिकारियों को काम पर लौटने का निर्देश दिया जाने को कहा गया था।

- दूसरी, काम रोकने वाले IAS अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लें।

- और तीसरी, राशन की डोर स्टेप डिलीवरी की योजना को मंजूरी मिले।

इन मांगों को लेकर सोमवार (11 जून) शाम केजरीवाल उप राज्यपाल अनिल बैजल से मिलने उनके दफ्तर पहुंचे थे। केजरीवाल का कहना था कि एलजी ने उनकी तीनों ही मांगों को मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा था कि जब तक उपराज्यपाल मांगें नहीं मानेंगे, वह यहां से नहीं जाएंगे। केजरीवाल के इस धरने के बाद बीजेपी भी सीएम ऑफिस में पानी के मुद्दे को लेकर धरने पर बैठी थी। वहीं रविवार को IAS ऑफिसरों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली सरकार द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया दी थी।