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CM कमलनाथ ने किया भोपाल मेट्रो का शिलान्यास, 'भोज' मेट्रो होगा नाम


हाईलाइट

  • मुख्यमंत्री कमलनाथ आज करेंगे मेट्रो परियोजना का शिलान्यास
  • कुल 6941 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है प्रोजेक्ट
  • मेट्रो के पहले भाग का काम साल 2022 तक पूरा हो जाएगा

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज (गुरुवार) राजधानी भोपाल को मेट्रो परियोजना की सौगात दी है। कमलनाथ ने सुबह 11 बजे एम.पी नगर जोन 1 स्थित गायत्री मंदिर के पास मेट्रो परियोजना का शिलान्यास किया। इस दौरान नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह मौजूद रहे। 

परियोजना को लेकर मंत्री जयवर्धन सिंह ने बताया कि भोपाल मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में 27.87 किलोमीटर में 2 कॉरीडोर बनेंगे। एक कॉरीडोर करोंद सर्कल से एम्स तक 14.94 किलोमीटर और दूसरा भदभदा चौराहा से रत्नागिरि चौराहा तक 12.88 किलोमीटर का होगा। इसकी कुल लागत 6941 करोड़ 40 लाख होगी। प्रोजेक्ट में एलीवेटेड सेक्शन 26.08 किलोमीटर का होगा। इसमें कुल 28 स्टेशन बनेंगे। अंडर ग्राउण्ड सेक्शन 1.79 किलोमीटर का होगा, जिसमें 2 स्टेशन बनेंगे। पहला रुट दिसम्बर 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़ी अहम बातें 

  • भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 6,941 करोड़ 40 लाख रुपये होगी।
  • मेट्रो ट्रेन के लिए सॉइल और डिजाइन टेस्टिंग का काम पूरा हो चुका है। 
  • मेट्रो प्रोजेक्ट को औबेदुल्लागंज, मंडीदीप, राजाभोज एयरपोर्ट और सीहोर तक जोड़ा जाएगा। 
  • भोपाल मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में 27.87 किलोमीटर में दो कॉरिडोर बनाए जाएंगे.
  • पहले मेट्रो दो रुट पर ही दौड़ेगी। पहला करोंद से एम्स दूसरा भदभदा से रत्नागिरी। 
  • एक कॉरिडोर करोंद सर्कल से एम्स तक जाएगा। इस कॉरिडोर की लंबाई 14.99 किलोमीटर होगी।
  • दूसरा कॉरिडोर भदभदा चौराहे से रत्नागिरि चौराहा तक जाएगा, जो करीब 12.88 किलोमीटर लंबा होगा।
  • मध्य प्रदेश सरकार भोपाल में साल 2022 तक मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारी में। 
  • भोपाल में तीन कोच की ट्रेन ही रहेगी। 
  • हर स्टेशन की डिजाइन कैंटिलिवर स्टाइल में होगी। हर स्टेशन सिर्फ एक पिलर पर टिका रहेगा।
  • स्टेशन पर यात्रियों के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर और सीढ़ियां होंगी। टिकट काउंटर से होकर वे सीधे प्लेटफॉर्म तक जा सकेंगे। 
  • भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा किया जाएगा।
  • यह भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार की 50-50 हिस्सेदारी वाली ज्वाइंट वेंचर कंपनी होगी।
  • कंपनी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के रूप में कार्य करेगी।
  • कंपनी का एक बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स होगा, जिसमें 10 डायरेक्टर होंगे।
  • भारत सरकार बोर्ड के चेयरमेन सहित 5 डायरेक्टर नामित करेगी, जबकि प्रदेश सरकार मैनेजिंग डायरेक्टर सहित 5 डायरेक्टर नामित करेगी। 

अब तक क्या-क्या हुआ काम 

  • मेट्रो के लिए अब तक 278 करोड़ रुपए के टेंडर जारी हो चुके हैं।
  • सॉइल टेस्टिंग और डिजाइन टेस्टिम का कार्य हो गया है। 
  • जमीन में भार की क्षमता के लिए पाइल टेस्टिंग सफल रही है। 
  • मेट्रो का टेक्निकस बैकग्राउंड वर्क पूरा हो गया है। 

कितनी होगी रफ्तार

  • मेट्रो रेल अधिकतम 80 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेगी।

कितना होगा किराया

  • भोपाल में मेट्रो रेल का किराया अभी तय नहीं हुआ है।

कब चलेगी 

  • मेट्रो चलाने का लक्ष्य 2023 रखा गया है।


मेट्रो पर सियासत 

भोपाल में मेट्रो के शिलान्यास से पहले ही इस पर राजनीति शुरु हो चुकी है। प्रदेश में बीजेपी-कांग्रेस में इस योजना का श्रेय लेने की होड़ मच गई है। वरिष्ठ बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मेरी सरकार के कार्यकाल में भोपाल, इंदौर मेट्रो की सभी फार्मेलिटी पूरी हो चुकी थीं। केवल शिलान्यास करना बाकी था। उन्होंने कहा कि मैं श्रेय की राजनीति नही करता। कमलनाथ शिलान्यास करें लेकिन कम से कम ये ना कहें कि 9 महीने में ही सब कुछ हो गया। वहीं, शिवराज के बयान पर प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि तय समय पर मेट्रो प्रोजेक्ट पूरा होगा। भोपाल की जनता को बड़ी सौगात मिलेगी। जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि 11 साल पहले सीएम कमलनाथ ने केंद्रीय मंत्री रहते हुए मेट्रो की डीपीआर की स्वीकृति दी थी। 
 

राहुल कोठरी ने जताया विरोध

बीजेपी के प्रवक्ता राहुल कोठारी ने भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर को कार्यक्रम में नहीं बुलाए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि भोपाल में इस प्रोजेक्ट का काम पहले ही शुरू हो गया है। कांग्रेस सरकार जनता को धोखा दे रही है। 

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