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उत्तराखंड में बादल फटे, मलबे में दबे 5 मजदूर, 2 की मौत

July 20th, 2018 15:31 IST

हाईलाइट

  • बादल फटने से 5 मजदूर मलबे के नीचे दब गए, जिनमें से दो के शव निकाले जा चुके हैं। तीन घर ध्वस्त हो गए हैं।
  • बादल गुरुवार रात नीती घाटी के जलम और तमक गांव में फटे हैं।
  • जोशीमठ के एसडीएम योगेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें ग्रामीणों ने सुबह 7 बजे बादल फटने की सूचना दी।

डिजिटल डेस्क, देहरादून। बादल फटने से 5 मजदूर मलबे के नीचे दब गए, जिनमें से दो के शव निकाले जा चुके हैं। तीन घर ध्वस्त हो गए हैं। बादल गुरुवार रात नीती घाटी के जलम और तमक गांव में फटे हैं। जोशीमठ के एसडीएम योगेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें ग्रामीणों ने सुबह 7 बजे बादल फटने की सूचना दी। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि बादल फटने से बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के पांच मजदूर टेंट के नीचे मलबे में दब गए हैं। जिसमें से दो के शव भी मिल चुके हैं।

चीनी सीमा से सटे हैं गांव
नीती घाटी के जलम और तमक नामक जिन गांवों में बादल फटे हैं, वो चीनी सीमा से सटे हैं। इन दूर-दराज के गांवों में राहत कार्य के लिए एसडीआरएफ, जोशीमठ पुलिस, बीआरओ और आपदा प्रबंधन की टीमें रवाना हो गई हैं।

15 गोशालाएं, 25 मवेशी दफन
इससे पहले चमोल के थराली और घाट ब्लॉक में सोमवार को बादल फटा था। ब्लॉक के कुंडी गांव के ऊपरी भाग में बादल फटने के बाद बरसाती नाले से तबाही मच गई थी। गिरते पानी में ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थान पर भागकर अपनी जान बचाई थी, जिसमें एक महिला और पुरुष चोटिल हो गए थे।

देर रात शुरू हुई बारिश
घाट क्षेत्र में रविवार रात 11 बजे शुरू हुई बारिश देर रात तेज हो गई थी। ढाई बजे कुंडी गांव के पास बादल फटने से बरसाती नाले ने रौद्र रूप ले लिया। मोख बगड़ और कुंडी गांव में अफरा-तफरी मच गई। मोख बागड़ में 4 घर पूरी तरह तो 3 घरों के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। पांच गोशाला बह गईं तो गोशाला में बंधी एक भैंस मलबे में दफन हो गई।

बिजली पानी की किल्लत
कुंडी गांव में 9 गोशाला बह गईं, जिसमें बंधी 2 भैंस, 6 बैल, 2 गाय, और 2 बछड़े मलबे में दफन हो गए। एक मकान भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दोनों गांव में बिजली और पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।