दैनिक भास्कर हिंदी: हाथरस: सीबीआई करेगी गैंगरेप मामले की जांच, सीएम योगी ने दिए आदेश

October 3rd, 2020

हाईलाइट

  • सीबीआई करेगी हाथरस कांड की जांच
  • मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से किया गया ट्वीट
  • परिवार बोला- हम न्यायिक जांच चाहते हैं

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। हाथरस गैंगरेप केस में मचे घमासान के बीच अब इस मामले की जांच CBI करेगी। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह फैसला अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी और डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी के हाथरस से लौटने के बाद लिया। सीएम ऑफिस ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। सीएम ऑफिस की ओर से कहा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस केस की जांच CBI से कराए जाने के आदेश दिए हैं। योगी सरकार के इस आदेश के बाद गैंगरेप पीड़िता की भाभी ने कहा कि हम CBI जांच नहीं चाहते हैं। केस की न्यायिक जांच होनी चाहिए। हम जज की निगरानी में जांच चाहते हैं।

उन्होंने कहा हि हमारी दीदी को न्याय मिलना चाहिए। परिवार का कहना है कि हमने CBI जांच की मांग नहीं की थी। पीड़िता के भाई ने कहा कि हमारे सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। जितनी चाहे उतनी जांच होती रहे। हमें डीएम से शिकायत है। हम खुश तब ही होंगे जब हमारे सवालों के जवाब मिलेंगे। हमारी बहन का अंतिम संस्कार ऐसे क्यों किया गया।

परिजनों ने की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
बता दें कि CBI उन तमाम पहलुओं की जांच करेगी जो 14 सितंबर से अब तक सामने आए हैं। हालांकि पीडि़त परिजनों की ओर से इस मामले में CBI की जांच के बजाय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराए जाने की मांग की थी। लेकिन, अपर मुख्य सचिव गृह और डीजीपी ने लौट कर मुख्यमंत्री को पूरी बात बताई, जिसके मुख्यमंत्री ने पूरा मामला CBI को देने का निर्णय लिया। 

CM के आदेश पर पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे अधिकारी
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के दो वरिष्ठ अधिकारी अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी और डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी हाथरस गए थे। दोनों ने पीड़ित परिवार से उनकी मांग व समस्याओं के बारे में सुना था। अभी तक मामले की जांच मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव गृह की अध्यक्षता में गठित एसआईटी कर रही है। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर वहां के 5 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। 

पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे राहुल और प्रियंका
सीएम योगी की ओर से ये आदेश ऐसे वक्त आया जब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी पीड़िता के परिवार से मिलने पहुंचे थे। दोनों नेताओं ने यहां पर गैंगरेप पीड़िता के परिवार से मुलाकात की। राहुल और प्रियंका गांधी ने बंद कमरे में पीड़िता के परिवार से मुलाकात की।

प्रियंका ने पीड़िता की मां को गले लगाया, कहा- हम अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे
इस दौरान प्रियंका गांधी ने पीड़िता की मां को गले लगाया और सांत्वना दी। परिवार से मुलाकात के बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि हम अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे। परिवार आखिरी बार अपनी बच्ची का चेहरा नहीं देख पाया। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक हम लड़ेंगे। परिवार न्यायिक जांच चाहता है।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा केस
हाथरस गैंगरेप के मामले में एक जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट से मामले में संज्ञान लेने की मांग की गई है। साथ ही हाईकोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की गई है ताकि एक भी दोषी बच न पाएं। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में दोषी पुलिसकर्मियों और मेडिकल ऑफिसर्स के खिलाफ तत्काल सस्पेंड कर करवाई की भी मांग की गई है। याचिका में दिशा-निर्देश बनाने की भी मांग की गई ताकि भविष्य में किसी भी पीड़ित परिवार का कानून से भरोसा न उठे जैसा हाथरस के परिवार का उठा है। सुषमा मौर्या की ओर से यह याचिका दाखिल की गई है।

ज्ञात हो कि उप्र के हाथरस के चंदपा क्षेत्र में 14 सितंबर को एक युवती पर उस समय जानलेवा हमला हुआ था, जब वह मां के साथ खेत में चारा लेने गई थी। मां की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही चार आरोपितों के खिलाफ जानलेवा हमला और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। बाद में बयान के अधार दुष्कर्म की भी धारा जोड़ी गई। हालांकि पुलिस का दावा है कि फोरेंसिक रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस चारों आरोपितों को जेल भेज चुकी है। हमले में लड़की की गर्दन में चोट आई थी। सांस लेने में परेशानी थी। दिल्ली के एक अस्पताल में पीड़िता की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

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