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ग्रेटर नोएडा एटीएस सोसाइटी में कुत्ते की मृत्यु पर असमंजस

June 04th, 2020 13:30 IST
 ग्रेटर नोएडा एटीएस सोसाइटी में कुत्ते की मृत्यु पर असमंजस

हाईलाइट

  • ग्रेटर नोएडा एटीएस सोसाइटी में कुत्ते की मृत्यु पर असमंजस

गौतमबुद्धनगर, 4 जून (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा की एटीएस पैराडीसो सोसाइटी में कुत्ते को लेकर विवाद हुआ था। अब इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। जिस कुत्ते को लेकर चीनी युवती से मारपीट की गई थी। उस कुत्ते की मृत्यु हो चुकी है। कुत्ते की मृत्यु पर अब असमंजस बना हुआ है, जहां एक तरफ पीपल फॉर एनिमल्स संस्था ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि कुत्ते की मृत्यु एक्सीडेंट की वजह से हुई है। फिलहाल पुलिस इस मामले को लेकर जांच कर रही है।

एक पुलिस ऑफसर ने आईएएनएस को बताया कि कुत्ते की हत्या नहीं हुई है। हमारे पास फुटेज भी हैं। हमने मुकदमा दर्ज कर लिया है, जिसको लेकर जांच चल रही है। मेरे पास जो सबूत आये हैं, उसमें कुत्ते की हत्या को लेकर कुछ नही है। उसकी मृत्यु कार एक्सीडेंट से हुई है और जिस शख्स के सामने कर एक्सीडेंट हुआ था, मेरे पास उसका वीडियो भी है। सोसाइटी के बाहर कुत्ता सड़क पर सो रहा था और एक सेंट्रो गाड़ी आई जिसकी रफ्तार तेज थी और वो कुत्ते को मार कर चली गई।

ग्रेटर नोएडा पीपल फॉर एनिमल्स संस्था की अध्यक्ष कावेरी राणा ने आईएएनएस को बताया कि उस कुत्ते की मृत्यु एक्सीडेंट से नहीं हुई है। हमारे पास ऑटोप्सी रिपोर्ट है। उसमें कुत्तों को बुरी तरह इंटर्नल बॉडी डैमेज हुआ है। एक्सीडेंट से मृत्यु होने के लिए शरीर पर बाहरी इंजरी होनी चाहिए, जो कि नहीं थी। शनिवार को उस कुत्ते को रात भर बिल्डिंग में लॉक करके रखा गया था। वो पूरी रात रोया।

कावेरी राणा ने बताया कि जब उसकी बॉडी हमको मिली तो उसकी बॉडी पूरी तरीके से खून से लथपथ थी। उसके नाक और मुंह से खून बह रहा था। उसके फेफड़ों में खून भरा हुआ था। कुत्ते की मृत्यु संडे को हुई है। हमारे पास सोसाइटी के सेक्रेटरी का भी एक फॉरवर्ड मैसेज मिला है , जिसमें उन्होंने कहा है कि 5 से 6 कुत्तों को अब तक निकाला जा चुका है सोसाइटी से जबकि एक की मृत्यु हो गई है और बाकी के कुत्तों को भी बाहर निकलवा देंगे। हमने पुलिस से भी यही सवाल पूछा है कि कुत्तों को निकालना इतना आसान नहीं होता कि आप अगर फूल मारेंगे तो वह निकल जाएंगेएआपको उसके लिए बल का इस्तेमाल करना पड़ेगा।

एटीएस सोसाइटी में 25 मई को चीनी युवती कुत्ते को खाना खिला रही थी। तभी सोसाइटी में रहने वाले एक व्यक्ति भी अपने पालतू कुत्ते को घुमा रहे थे। एक वीडियो में देखा गया कि इस बीच दोनों कुत्तों में झगड़ा हो गया। उसको लेकर व्यक्ति ने चीनी युवती के साथ मारपीट भी की थी। युवती ने आरोपी के खिलाफ बीटा 2 कोतवाली में मुकदमा दर्ज करवाया था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।