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महाराष्ट्र : कांग्रेस नेता की सोनिया से मांग, शिवसेना को दें समर्थन

महाराष्ट्र : कांग्रेस नेता की सोनिया से मांग, शिवसेना को दें समर्थन

हाईलाइट

  • कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने लिखा सोनिया गांधी को पत्र
  • कहा- शिवसेना के साथ मिलकर बनाएं सरकार

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद भी सरकार का गठन नहीं हो पाया है। भाजपा और शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान जारी है। इस बीच महाराष्ट्र कांग्रेस के राज्यसभा सांसद हुसैन दलवई ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने शिवसेना को समर्थन देने की बात कही है। दलवई ने अपील की है कि एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना को मिलकर सरकार बनाना चाहिए। 

सांसद हुसैन दलवई ने कहा, शिवसेना और भाजपा में सरकार गठन पर सहमति नहीं बन पा रही है। ऐसे में कांग्रेस,एनसीपी और शिवसेना मिलकर सरकार बनाएं। उन्होंने कहा कि साल 2007 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में शिवसेना ने कांग्रेस उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल का समर्थन किया था। जबकि 2012 के चुनाव में प्रणब मुखर्जी का समर्थन किया था। 

एनसीपी का इनकार

इससे पहले एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने साफ कह दिया कि उनकी पार्टी विपक्ष में बैठेगी। उन्होंने कहा कि जनता ने हमें विपक्ष के लिए चुना है। हम विपक्ष में बैठेंगे। पवार ने नासिक में पत्रकारों से बातचीत में सीएम पद के बंटवारे को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच चल रहे गतिरोध को बचकाना बताया। वहीं संजय राउत से मुलाकात पर उन्होंने कहा कि राउत मुझसे मिले थे, लेकिन शिवसेना के बारे में कोई बात नहीं हुई। 

शपथ समारोह के लिए बुक किया गया वानखेडे स्टेडियम

दूसरी तरफ भाजपा के खेमे में नई सरकार बनाने के लिए कोशिश तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार शिवसेना से बात नहीं बनी तो भाजपा राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी के पास अकेले सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। इसके बाद संभवतः 5 या फिर 7 नवंबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शपथ ले सकते हैं। भाजपा सूत्रों का दावा है कि 8 नवंबर से पहले राज्य में नई सरकार बन जाएगी। इस बीच भाजपा द्वारा मुंबई का वानखेडे स्टेडियम बुक किए जाने की खबर है। 2014 में फडणवीस सरकार का शपथ ग्रहण समारोह इसी स्टेडियम में हुआ था। भाजपा सूत्रों के अनुसार भाजपा-शिवसेना का मिलकर सरकार बनाना तय है। फिलहाल दोनों तरफ से एक दूसरे पर दबाव बनाने की रणनीति चल रही है।  

शिवसेना का होगा सीएम

शिवसेना नेता राऊत ने कहा कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री शिवसेना का होगा। अगर शिवसेना ने ठान लिया तो महाराष्ट्र में स्थिर सरकार देने के लिए पार्टी आवश्यक बहुमत जुटा सकती है। राऊत ने भाजपा को चेताते हुए कहा कि जिनके पास बहुमत नहीं है, वह सरकार बनाने का दावा पेश करने का साहस न करे। नहीं तो बहुत फजीहत हो जाएगी। राऊत ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता चाहती है कि शिवसेना का मुख्यमंत्री बने।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।