दैनिक भास्कर हिंदी: BJP की विचारधारा दलित विरोधी, 2019 का चुनाव हम जीतेंगे: राहुल गांधी

September 25th, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी सोमवार को राजघाट पर एक दिन के 'उपवास' पर बैठे। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस के कई बड़े नेता भी मौजूद रहे। उपवास के बाद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। राहुल गांधी ने बीजेपी की विचारधारा को दलित विरोधी और देश को बांटने वाली करार दिया। वहीं उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनावों में जीत का दावा किया। बता दें कि कांग्रेस का ये उपवास बजट सेशन ठप्प रहने और दलितों के खिलाफ अत्याचार बढ़ने के खिलाफ रखा गया था। 

राहुल गांधी ने कहा, हम बीजेपी की विचारधारा के खिलाफ यहां खड़े हैं और जिंदगीभर खड़े रहेंगे। हम उनको (बीजेपी) 2019 में (लोकसभा चुनावों में) हराकर दिखाएंगे। बीजेपी की विचारधारा आदिवासियों और अल्पसंख्यकों को भी कुचलने की है। बीजेपी के दलित सांसदों की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चिट्ठी लिखे जाने के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, बीजेपी के सांसद हमें बताते हैं कि मोदीजी दलित विरोधी हैं। वे दलितों का हित नहीं चाहते हैं।' उन्होंने कहा, ‘पूरा देश जानता है कि प्रधानमंत्री मोदी दलित विरोधी हैं। अब यह छुपा हुआ नहीं है।' कांग्रेस अध्यक्ष के साथ राजघाट पर पहुंचे कुछ पार्टी नेताओं की छोले-भटूरे खाते सुबह तस्वीरें सामने आई थी। इन तस्वीरों पर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कुछ नहीं कहा।

- कांग्रेस नेता अरविंदर सिंह लवली ने माना कि फोटो आज ही की है। उन्होंने कहा कि फोटो सुबह 8 बजे की है। ये सांकेतिक उपवास है और इसका समय सुबह साढ़े 10 बजे के बाद से शुरू हुआ था। 

- बीजेपी नेता हरीश खुराना कांग्रेस नेता अजय माकन, अरविंदर सिंह लवली, हारुन युसुफ की छोले-भटूरे खाते हुए फोटो शेयर की। इसके साथ उन्होंने लिखा कि लोगों को अनशन के लिए राजघाट पर बुलाया और खुद रेस्टोरेंट में बैठ कर छोले-भटूरे के मजे ले रहे हो। सही बेवकूफ बनाते हो। 

- राहुल गांधी के राजघाट देरी से पहुंचने पर बीजेपी ने तंज कसा है। बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा 'राहुल जी अगर लंच हो गया हो, तो उपवास पर बैठ जाओ। मैं जानना चाहता हूं कि कौन नेता उपवास पर बैठने की बात कहता है और 12:45 बजे तक उपवास स्थल नहीं पहुंचता है। ये उनका स्टायल है। हमेशा की तरह राहुल गांधी लेट सोकर उठे हैं।'

- कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पहुंचे। सबसे पहले महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि।

- राहुल गांधी के पहुंचने से पहले कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार को वहां से भेजा। इन दोनों नेताओं पर सिख दंगों का आरोप है।

- राजघाट पर कांग्रेस का अनशन शुरू। कांग्रेस के बड़े नेता पहुंचे।


बीजेपी बोली- उपवास करें, लेकिन अफवाहें न फैलाएं

वहीं राहुल गांधी के इस उपवास पर बीजेपी ने निशाना साधा है। बीजेपी ने ट्वीटर पर एक वीडियो शेयर कर राहुल पर झूठी बातें फैलाने का आरोप लगाया है। इस वीडियो में राहुल गांधी के एक भाषण की क्लिप लगाई गई है, जिसमें राहुल कहते दिख रहे हैं कि बीजेपी ने SC/ST एक्ट को खत्म कर दिया। जिसके बाद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद कहते हैं कि राहुल गांधी उपवास रखें, लेकिन झूठी अफवाहें न फैलाएं।

राहुल गांधी क्यों रख रहे हैं उपवास?

1.
दरअसल, बजट सेशन के दूसरे हिस्से में बिल्कुल भी काम नहीं हुआ। जिसके लिए बीजेपी ने कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। जबकि कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार ने संसद नहीं चलने दी, जिसकी वजह से कई बड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी। बीजेपी भी इसी मुद्दे पर उपवास करने वाली है, लिहाजा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उपवास के पीछे इसे भी वजह बताया जा रहा है।

2. इसके साथ ही दलित राजनीति का मुद्दा इन दिनों जमकर तूल पकड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस उपवास की वजह सांप्रदायिक सौहार्द के बिगड़ते माहौल और दलितों के खिलाफ हो रहे अत्याचार को बताया गया है। इसके लिए कांग्रेस के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक दिन के उपवास पर बैठने का आदेश भी दिया गया है। 

3. सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को अपने दिए फैसले में SC/ST एक्ट में बदलाव कर दिया था, जिसके बाद 2 अप्रैल को दलितों संगठनों ने भारत बंद बुलाया था। इस दौरान देशभर के कई राज्यों में हिंसा भड़की, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। अब कांग्रेस उपवास के जरिए मोदी सरकार को दलित विरोधी बताने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस का आरोप है बीजेपी की राज्य सरकारें हिंसा रोकने में नाकाम रही।

अब कांग्रेस देश का नेतृत्व करे : गहलोत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने देश के सभी महासचिवों, प्रदेश कांग्रेस चीफ, प्रभारियों और कांग्रेस विधायक दल के नेताओं को चिट्ठी लिखकर एक दिन के उपवास पर बैठने को कहा है। गहलोत ने अपनी चिट्ठी में लिखा है '2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान जो हुआ, वो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था। ये देश के सामाजिक ताने-बाने के लिए बहुत खतरनाक है। इससे साफ है कि बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकारों ने हिंसा को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। न ही भाईचारे को बचाने के लिए कुछ किया गया। ऐसे में कांग्रेस के लिए ये अहम है कि इस मुश्किल वक्त में वो आगे बढ़े और देश का नेतृत्व करे।'

बीजेपी सांसद 12 अप्रैल को रखेंगे उपवास

वहीं संसद के बजट सेशन में हंगामे का ठीकरा विपक्ष पर फोड़ते हुए बीजेपी ने भी एक दिन के उपवास का ऐलान किया है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने इसका ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि विपक्ष ने पूरे बजट सेशन को नहीं चलने दिया और लोकतंत्र का गला घोंटा है। इसके विरोध में 12 अप्रैल को सभी बीजेपी सांसद अपने-अपने लोकसभा क्षेत्रों में धरना देंगे और एक दिन का उपवास रखेंगे।