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राहुल की इफ्तार पार्टी आज, दिखेगी विपक्षी एकजुटता

June 13th, 2018 16:24 IST

हाईलाइट

  • कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज इफ्तार पार्टी दे रहे हैं।
  • इसके लिए उन्होंने विपक्ष के तमाम बड़े नेताओं को न्यौता भेजा है।
  • राहुल की इस पार्टी में वे नेता भी शामिल होंगे, जिनका राहुल से मनमुटाव चल रहा था।
  • ताज पैलेस में होने वाली इस इफ्तार पार्टी का आयोजन ऐसे वक्त में हो रहा है, जब विपक्षी दल 2019 के आम चुनाव में बीजेपी के खिलाफ मोर्चेबंदी में लगे हुए हैं।
  • ऐसे समय में इस आयोजन से 2019 के लिए महागठबंधन की तैयारियों को बल मिलेगा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज इफ्तार पार्टी दे रहे हैं। इसके लिए उन्होंने विपक्ष के तमाम बड़े नेताओं को न्यौता भेजा है। राहुल की इस पार्टी में वे नेता भी शामिल होंगे, जिनका राहुल से मनमुटाव चल रहा था। ताज पैलेस में होने वाली इस इफ्तार पार्टी का आयोजन ऐसे वक्त में हो रहा है, जब विपक्षी दल 2019 के आम चुनाव में बीजेपी के खिलाफ मोर्चेबंदी में लगे हुए हैं। जाहिर है कि ऐसे समय में इस आयोजन से 2019 के लिए महागठबंधन की तैयारियों को बल मिलेगा।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी होंगे शामिल

संघ के कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी के शामिल होने के बाद अटकलें लगाई जा रही थी कि राहुल की इफ्तार पार्टी में उन्हें न्यौता नहीं भेजा जाएगा, लेकिन इन अटकलों पर विराम लगाते हुए राहुल गांधी ने प्रणब मुखर्जी को न्यौता भेजा है, जिसे उन्होंने स्वीकार किया है।

कई बड़े नेता होंगे शामिल
कांग्रेस की इफ्तार पार्टी में मुलायम सिंह यादव, शरद यादव, शरद पवार, सीताराम येचुरी, तेजस्वी यादव, एचडी देवेगौड़ा, एन. चंद्रबाबू नायडू ,अखिलेश यादव, मायावती, ममता बनर्जी, प्रणब मुखर्जी समेत जेडीएस, आरजेडी, बसपा, सपा समेत कई दलों के बड़े नेता शामिल होंगे।

दो साल पहले सोनिया गांधी ने दी थी पार्टी
कांग्रेस की ओर से 3 साल पहले सोनिया गांधी ने इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था। जिसके बाद अब राहुल ये पार्टी दे रहे हैं। राहुल के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद यह पहली इफ्तार पार्टी है, जिसमें तमाम पार्टियों के दिग्गज शामिल होंगे।

राष्ट्रपति भवन में नहीं होगी पार्टी
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस बार राष्ट्रपति भवन में होने वाली इफ्तार पार्टी के आयोजन को कैंसिल कर चुके हैं। पिछले दिनों राष्ट्रपति भवन से बयान जारी कर कहा गया था कि जनता के पैसे से राष्ट्रपति भवन में किसी भी तरह का कोई धार्मिक आयोजन नहीं होगा।



 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।