दैनिक भास्कर हिंदी: दिल्ली में कम हो रहा है कोरोना का संक्रमण : केजरीवाल

November 28th, 2020

हाईलाइट

  • दिल्ली में कम हो रहा है कोरोना का संक्रमण : केजरीवाल

नई दिल्ली, 28 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार का कहना है कि दिल्ली में अब कोरोना संक्रमण दर पहले के मुकाबले कम हो रही है। दिल्ली में कोरोना वायरस की यह तीसरी लहर है। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि कोरोना की तीसरी लहर का पीक अब बीत चुका है और अब कोरोना के मामले घटना शुरू हो गए हैं। हालांकि दिल्ली में अभी भी कोरोना से होने वाली मृत्यु पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा है। बीते 24 घंटों के दौरान ही दिल्ली में 89 कोरोना रोगियों की मृत्यु हुई है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, 7 नवंबर के बाद से, दिल्ली में कोरोना के प्रतिदिन आने वाले मामलों में कमी हो रही है। शनिवार को कोरोना के 5000 से भी कम मामले आए और 89 मौतें हुई हैं। दिल्ली में कोरोना का पॉसिटिविटी रेट 7.24 है। उम्मीद है दिल्ली के पॉसिटिविटी रेट में कमी का यह सिलसिला जारी रहेगा। दिल्लीवासी और दिल्ली सरकार मिलकर कोरोना की इस तीसरी लहर पर भी जीत हासिल करेंगे। कृपया सभी सावधानियों का पालन करना जारी रखें।

दिल्ली सरकार ने शनिवार को एक बार फिर दोहराया है कि कोरोना की वैक्सीन आने पर सिर्फ तीन -चार हफ्तों के अंदर पूरी दिल्ली को यह वैक्सीन लगाई जा सकती है। हालांकि वैक्सीन आने के बाद, यह वैक्सीन की उपलब्धता पर निर्भर करेगा कि दिल्ली के सभी लोगों को वैक्सीन लगाने में कितना समय लगता है।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को कहा, कोरोना कि वैक्सीन आने के बाद हम तीन से चार हफ्तों में सारी दिल्ली को वैक्सीन लगाने के लिए तैयार हैं। दिल्ली सरकार के पास पर्याप्त साधन हैं और कोरोना की वैक्सीन मिलने के कुछ सप्ताह में ही इसे दिल्ली के सारे लोगों तक पहुंचा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हमारे पास कई तरह के साधन हैं जैसे कि मोहल्ला क्लीनिक, पॉलीक्लीनिक, डिस्पेंसरीज और अस्पताल आदि। इसके अलावा दिल्ली में वैक्सीन के स्टोरेज की भी कोई दिक्कत नहीं है।

वहीं दिल्ली सरकार का कहना है कि कोरोना संक्रमण का सामना कर रही राजधानी दिल्ली में फिलहाल स्कूल नहीं खोले जाएंगे। दिल्ली सरकार के मुताबिक छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल नहीं खोले जाने का निर्णय लिया गया है। दिल्ली में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर चल रही है। सरकार का कहना है कि ऐसे में स्कूल खोलकर छात्रों को संकट में नहीं डाला जा सकता।

जीसीबी/एएनएम