कोविड-19: भारत में कोरोना के नए वैरिएंट BA.4 और BA.5 की हुई पुष्टि, जानें पहले से ज्यादा क्यों है खरतनाक?

May 23rd, 2022

हाईलाइट

  • देश के अन्य हिस्सों में भी नए वेरिएंट के केस मिल सकते हैं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनियाभर में तबाही मचा चुका कोरोना वायरस खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। भारत में भले ही कोरोना की बढ़ोत्तरी में कमी आई हो लेकिन कोरोना के नए वैरिएंट की एंट्री होने से सभी लोग भयभीत हैं। केंद्रीय निकाह INSACOG ने रविवार को भारत में कोविड-19 के BA.4 और BA.5 वैरिएंट होने की पुष्टि की है। खबरों के मुताबिक, BA.4 का पहला केस तमिलनाडु और दूसरा केस तेलंगाना में मिला है। जिसके बाद से स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना हो गया है।

देश के इन राज्यों में सामने आया नया वैरिएंट

गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा स्थापित भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम ने कहा कि तमिलनाडु में 19 साल की एक महिला BA.4 वेरिएंट से संक्रमित मिली है। हालांकि महिला पूरी तरह से वैक्सीनेट थी और उसके पास कोरोना के लक्षण भी नहीं दिख रहे थे। 

इससे पहले हैदराबाद में साउथ अफ्रीका से आए एक यात्री को BA.4 वेरिएंट से संक्रमित पाया गया था। यात्री का एयरपोर्ट पर कोविड सैंपल लिया गया था, जो पॉजिटिव निकला था। ये व्यक्ति 9 मई को हैदराबाद आया और 16 मई को वापस साउथ अफ्रीका लौट गया है। उस समय इस व्यक्ति के अंदर भी कोई लक्षण नहीं नजर आए थे।

कई देशों में कहर बरपा चुका है ये वैरिएंट

खबरों के मुताबिक, BA.4 और BA.5 वैरिएंट कई देशों में अपना कहर बरपा चुका है। भारत में इस वैरिएंट के मिलने के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि देश के अन्य हिस्सों में यह वैरिएंट अपना प्रभाव दिखा सकता है और केस मिलने के प्रबल संभावना है। भारत में इस वैरिएंट के तेजी से फैलने की आशंका जताई गई है।

जानें इस वैरिएंट के बारे में

ओमिक्रॉन का यह वैरिएंट खतरनाक बताया जा रहा है। क्योंकि इससे संक्रमित व्यक्ति में लक्षण नहीं दिखाई पड़ते हैं। हालांकि इम्युनिटी को पूरी तरह से कमजोर कर देता है। बीते दिनों दक्षिण अफ्रीका में इसी वैरिएंट ने तबाही मचाई थी। जिससे वहां कई लोगों की मौत भी हुई है।

हालांकि भारतीय वैज्ञानिकों का मानना है कि भारत में इस वैरिएंट का ज्यादा असर नहीं देखने को मिलेगा। क्योंकि भारत में एक बड़ी आबादी वैक्सीनेशन करा ली है। जिससे उनमें एंटी बॉडी भी बन चुकी है। इंडिया में लोगों की बॉडी कोरोना से लड़ने में सक्षम हो चुकी है।