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Coronavirus in India: देश में पहली बार 24 घंटे में 15,968 नए केस, मरीजों की कुल संख्या 4.56 लाख से ज्यादा

Coronavirus in India: देश में पहली बार 24 घंटे में 15,968 नए केस, मरीजों की कुल संख्या 4.56 लाख से ज्यादा

हाईलाइट

  • 24 घंटे में कोरोना के सर्वाधिक 15,968 नए केस
  • देश में मरीजों का आंकड़ा 4.56 लाख के पार पहुंचा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार तेजी से इजाफा हो रहा है। यहां संक्रमितों का आंकड़ा 4.56 लाख के पार पहुंच गया है। बुधवार सुबह स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान देश में सर्वाधिक 15,968 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। पहली बार एक दिन में संक्रमण के इतने मरीज पाए गए हैं। इसी के साथ देश में कोरोना के कुल मामलों की संख्या 4 लाख 56 हजार 183 हो गई है। अब तक 14 हजार 476 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2 लाख 58 हजार 685 मरीज ठीक हुए हैं। देश में कोरोना के 1 लाख 83 हजार 22 सक्रिय मामले हैं।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने बताया, 23 जून तक 73 लाख 52 हजार 911 कोरोना सैंपल्स का टेस्ट किया गया। पिछले 24 घंटों में 2 लाख 15 हजार 195 सैंपल्स का टेस्ट किया गया।

राजस्थान में आज कोरोना के 182 नए केस सामने आए और 7 की मौत हुई। इसी के साथ राज्य में पॉजिटिव मामलों की संख्या 15,809 हो गई है। इनमें 3013 ऐक्टिव केस हैं जबकि 372 लोगों की मौत हो चुकी है।

ओडिशा में 282 नए केस बाद राज्य में पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 5,752 है, इनमें से 1,740 ऐक्टिव केस हैं और 3,988 लोग संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं।

देश में कोविड-19 मरीजों का रिकवरी रेट अब लगभग 56.38 प्रतिशत हो गया है। सरकारी प्रयोगशालाओं की संख्या 726 हो गई है और निजी प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़कर 266 हो गई है, जो कुल 992 है।

महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है। यहां 1 लाख 39 हजार 10 मामले सामने आए हैं। अब तक 6,531 मौतें हुई हैं। दूसरे सबसे अधिक मामलों वाला राज्य अब दिल्ली बन गया है, जिसने तमिलनाडु को पीछे छोड़ दिया है।

राष्ट्रीय राजधानी में 66,602 मामले हैं और 2,301 मौतें हुईं और तमिलनाडु में 833 मौतों के साथ 64,603 मामले दर्ज किए गए। 10 हजार से अधिक मामलों वाले राज्यों में गुजरात में 28,371 मामले आए और 1,710 मौतें हुईं। इसके बाद संक्रमण के मामलों में उत्तर प्रदेश (18,893), मध्य प्रदेश (12,261), पश्चिम बंगाल (14,728) और हरियाणा (11,520) हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।