दैनिक भास्कर हिंदी: Coronavirus in India: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- अगर समय रहते लॉकडाउन नहीं लगाया होता तो देश में 29 लाख से ज्यादा संक्रमित होते  

May 23rd, 2020

हाईलाइट

  • वीके पॉल ने कहा कि लॉकडाउन की वजह हजारों लोगों की जान बच गई
  • कोरोना वायरस के 80 फीसदी मामले 5 राज्यों में हैं जबकि 5 शहरों में 60 प्रतिशत तक मामले हैं
  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 3,234 मरीज ठीक हो चुके हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस महासंकट के बीच लॉकडाउन 4.0 जारी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार अब तक 1,18,447 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से कोरोना संक्रमण के कारण अब तक 3,583 लोगों की जान जा चुकी है और 48,534 लोग स्वस्थ हुए हैं। इस बीच शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्रालय, आईसीएमआर और अन्य विभागों ने सरकार की कोशिशों की जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोना के कारण अब तक देश में हुई कुल मौतों में से महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, बंगाल और दिल्ली में 80% मौतें हुई हैं।

नीति आयोग के सदस्य व सशक्त समूह-1 के चेयरमैन वीके पॉल ने बताया कि अगर समय रहते लॉकडाउन लागू नहीं किया होता तो स्थिति बहुत ही भयावह होती। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की वजह से केंद्र सरकार बहुत सी जानों को बचाने में कामयाब रही है। वीके पॉल के मुताबिक अगर लॉकडाउन नहीं होता, तो देश में संक्रमित लोगों की संख्या 29 लाख तक पहुंच सकती थी। जबकि 37 से 78 हजार लोगों की मौत हो जाती। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 3,234 मरीज ठीक हो चुके हैं। अभी तक 48,534 संक्रमित ठीक हो चुके हैं, जो कि करीब 41 फीसदी हैं।

हजारों जानें बचाई गईं

  • वीके पॉल ने कहा कि लॉकडाउन की वजह हजारों लोगों की जान बच गई। 
  • लॉकडाउन की वजह से 3 अप्रैल के बाद कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से कमी आई है। इससे इसकी रफ्तार पर ब्रेक लगा है।
  • लॉकडाउन का फैसला भारत ने समय रहते ले लिया जबकि अन्य देशों ने यह निर्णय करने में देरी की और इसका खामियाजा भुगता।
  • बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप मॉडल के मुताबिक लॉकडाउन की वजह से 1.2 से लेकर 2.1 लाख तक जिंदगियों को बचाया गया। अगर लॉकडाउन नहीं होता तो देश में 36 से 70 लाख तक मामले सामने आ सकते थे।
  • दो स्वतंत्र अर्थशास्त्रियों का अध्ययन दर्शाता है कि लॉकडाउन की वजह से 23 लाख कम केस हुए और 68 हजार की जान बची। 
  • भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य फाउंडेशन के मुताबिक लॉकडाउन की वजह से 78 हजार लोगों की जान बचाई गई है। 

अब तक 27 लाख से ज्यादा टेस्ट 

  • आईसीएमआर के डॉक्टर रमन आर गंगाखेड़कर ने प्रतिदिन हो रही टेस्टिंग की जानकारी दी। पिछले 24 घंटे में 1,03,829 टेस्ट किए गए।
  • उन्होंने बताया कि शुक्रवार को लगातार चौथे दिन एक लाख से ज्यादा टेस्ट किए गए। 
  • शुक्रवार दोपहर एक बजे तक देश में 27,55,714 टेस्ट किए जा चुके हैं। इनमें से 18,287 टेस्ट निजी लैब में किए गए। 

70 फीसदी मामले शहरों तक सीमित 

  • महामारी का प्रकोप सीमित स्थानों तक ही सीमित रहा। 70 फीसदी मामले शहरों तक ही सीमित रहे।
  • कोरोना वायरस के 80 फीसदी मामले 5 राज्यों में हैं जबकि 5 शहरों में 60 प्रतिशत तक मामले हैं। 
  • इसके अलावा देश में कोरोना के कुल मामलों में से 90 फीसदी 10 राज्यों तक सीमित है। इनमें से भी 70 फीसदी 10 शहरों तक ही है।

मृत्यु दर घटकर 3.02 प्रतिशत तक पहुंची

  • देश में कोरोना वायरस से मृत्यु दर 3.13 प्रतिशत से घटकर 3.02 फीसदी हो चुका है। अब केंद्र सरकार का फोकस कंटेनमेंट मानकों का पालन करवाने पर है।
  • देश में ही जांच किट बनना शुरू हो चुकी हैं। अगले 6 से 8 हफ्ते में हम अपने देश में ही 5 लाख तक किट्स बनाने की क्षमता हासिल कर लेंगे। 
  • आईसीएमआर कम से कम 5 कंपनियों व 4 से 6 वैज्ञानिकों के साथ मिलकर वैक्सीन तैयार करने में जुटी हुई है।

सर्तक रहना बहुत जरूरी   

  • नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल का कहना है कि हमें काफी सर्तक रहना होगा।
  • हमें अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना होगा। हमें मास्क लगाना है और दो गज की दूरी रखनी है।
  • सशक्त समूह-1 के चेयरमैन व नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने केंद्र सरकार की भूमिका की सराहना की है। 
  • उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत हम 1 करोड़ लोगों को इलाज मुहैया करवा रहे हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि है।