comScore

Coronavirus in India: देश में अब तक 2.56 लाख संक्रमित, एनडीआरएफ के 49 जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए

Coronavirus in India: देश में अब तक 2.56 लाख संक्रमित, एनडीआरएफ के 49 जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए

हाईलाइट

  • देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को कोरोना के 1007 मामले सामने आए
  • देशभर में शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थल, होटल और रेस्तरां फिर से खुले

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस का संकट गहराता ही जा रहा है। लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद से देश में हर दिन 8 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। संक्रमण के तेजी से फैलने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश में बीते 13 दिन में एक लाख से ज्यादा मामले बढ़ गए हैं। उधर, ओडिशा में एनडीआरएफ के 50 जवानों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। अम्फान तूफान के राहत कार्य के बाद बंगाल से कटक लौटने पर तीसरी बटालियन के करीब 190 जवान संक्रमित मिल चुके हैं।

वहीं बीते 24 घंटों की बात करें तो स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार देश में कोविड-19 के 9983 नए मरीज मिले हैं और 206 लोगों की मौत हुई है। ये देश में एक दिन में अब के सबसे ज्यादा संक्रमण के मामले हैं। इसके साथ ही देश में कोरोना के कुल मामले 2 लाख 56 हजार 611 हो गए हैं। इनमें से 1 लाख 25 हजार 381 केस ऐक्टिव हैं। अब तक 1 लाख 24 हजार 95 लोग ठीक होने के बाद अस्पतालों से डिस्चार्ज हो चुके हैं जबकि 7135 लोगों की मौत हुई है।

बीते 10 दिन में 91,623 लोग संक्रमित और 2,398 लोगों ने दम तोड़ा     

                   तारीख                   

                   मामले                   

                   मौत                   

8 जून

9983206

7 जून

9,971

287

6 जून

9,887

294

5 जून

9,851

273

4 जून

9,304

260

3 जून

8,909

217

2 जून

8,171

204

1 जून

8,394

230

31 मई

8,789

222

30 मई

8,364

205

राज्यों में कोरोना संक्रमण की स्थिति

  • महाराष्ट्र में सोमवार को COVID19 के 2553 नए मामले दर्ज किए गए और 109 मौतें हुई हैं, कुल मामलों की संख्या 88,528 और मरने वालों की संख्या 3169 है। सक्रिय मामलों की संख्या 44374 है। वहीं मुंबई के धारावी इलाके में कोरोना वायरस से कोई भी मौत नहीं हुई है और 12 COVID19 मामले सामने नहीं आए। क्षेत्र में कुल मामलों की संख्या अब 1924 है, जिसमें 71 मौतें भी शामिल हैं।
  • दिल्ली उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली CM अरविंद केजरीवाल द्वारा #COVID19 के लिए सिर्फ लक्षणों वाले मामलों को टेस्ट करने के आदेश की जगह ICMR गाइडलाइंस के अनुसार बिना लक्षण वाले मामलों को भी टेस्ट करने का आदेश दिया है। राज्य में कोरोना संकमित मरीजों की संख्या 28,936 हो गई है। इनमें से 812 की मौत हुई है और 10,999 लोग स्वस्थ हुए हैं। वहीं 17,125 एक्टिव केस हैं।
  • गुजरात में पिछले 24 घंटों में COVID19 के 477 नए मामले सामने आए और 31 मौतें हुई हैं, कुल मामलों की संख्या 20,574 और मरने वालों की संख्या बढ़कर 1280 हो गई है।
  • पश्चिम बंगाल सरकार ने कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन को 30 जून तक बढ़ा दिया गया है। पूजा स्थलों (एक समय में), विवाह समारोहों (मेहमानों), और अंतिम संस्कार में अधिकतम 25 लोगों को अनुमति होगी। पश्चिम बंगाल में सोमवार को 426 नए COVID19 मामले दर्ज किए गए। राज्य में कुल मामलों की संख्या अब  8613  है, जिसमें 4743 सक्रिय मामले, 3465 डिस्चार्ज और405  मौतें शामिल हैं। 
  • सोमवार को कर्नाटक में 308 और #COVID19 मामले सामने आए और 3 मौतें हुईं। राज्य में कुल मामलों की संख्या अब 5760 हो गई है, जिसमें 2519 डिस्चार्ज, 3175 सक्रिय मामले और 64 मौतें शामिल हैं।
  • तमिलनाडु में सोमवार को 1562 COVID19 मामले दर्ज किए गए। राज्य में कुल मामलों की संख्या अब 33229 है, जिनमें 15413 सक्रिय मामले, 17527 ठीक हुए मामले और 286 मौतें शामिल हैं। तमिलनाडु में आज भी 17 मौतों की सूचना मिली है, जिसमें से 3 निजी अस्पतालों में और 14 सरकारी अस्पतालों में हुई हैं। 
  • हिमाचल प्रदेश में COVID19 पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 421 तक पहुंच गई है। इसमें 189 सक्रिय मामले, 223 ठीक हुए मामले और 5 मौतें शामिल हैं।
  • गोवा में 30 नए पॉजिटिव मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही कुल मामलों की संख्या 330 हो गई है। इसमें से 263 सक्रिय मामले और 67 ठीक हुए मामले हैं।
  • झारखंड में आज (9 बजे तक) 147 नए COVID19 पॉजिटिव मामले सामने आए, कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 1290 हो गई है।
  • त्रिपुरा में COVID-19 के लिए 1480 नमूनों में से 38 को पॉजिटिव पाया गया। ये सभी सिपाहीजला जिले के हैं और ट्रेन में चेन्नई से लौटे हैं।
  • उत्तराखंड में आज रात 9 बजे तक 31 नए COVID19 मामले दर्ज किए गए। राज्य में कुल मामलों की संख्या अब 1411 है, जिसमें 714 डिस्चार्ज और 13 मौतें शामिल हैं।
  • जम्मू-कश्मीर में 198 नए COVID19 मामले सामने आए हैं, जम्मू से 33 और कश्मीर से 165 मामले दर्ज किए गए। केंद्र शासित प्रदेश में कुल मामलों की संख्या अब 4285 हो गई है, जिसमें 2916 सक्रिय मामले, 1324 ठीक हो चुके मामले और 45 मौतें शामिल हैं।
  • राजस्थान में आज #COVID19 के 277 पॉजिटिव मामले दर्ज किए गए और 6 मौतें रिपोर्ट की गई, जिससे कुल मामलों और मौतों की संख्या क्रमशः 10876 और 246 हो गई है।
  • सोमवार को दिल्ली में 1007 COVID19 मामले सामने आए और 17 मौतें हुईं। राष्ट्रीय राजधानी में कुल मामलों की संख्या अब 29943 है, जिसमें 17712 सक्रिय मामले, 11357 ठीक/विस्थापित/पलायन और 874 मौतें शामिल हैं।
  • 406 नए #COVID19 मामले सोमवार को हरियाणा में दर्ज किए गए, कुल मामलों की संख्या 4854 है, जिनमें से 3115 मामले सक्रिय हैं। गुरुग्राम में 243 मामले दर्ज किए गए, जो आज राज्य में सबसे ज्यादा हैं। राज्य में बीमारी के कारण होने वाली मौतों की संख्या 39 है।
  • असम में सोमवार को शाम 6 बजे तक COVID19 के 95 नए पॉजिटिव मामले दर्ज किए गए हैं। मामलों की कुल संख्या अब 2776 है।
  • राज्य में 55 नए COVID19 मामले आज दर्ज किए गए, राज्य में कुल मामलों की संख्या 2663 तक पहुंच गई है।
     
कमेंट करें
oZgpe
NEXT STORY

क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

डिजिटल डेस्क, श्रीनगरजम्मू कश्मीर की सीमा के आसपास ड्रोन की हलचलें लगातार तेज होती जा रही हैं। इसके बाद भारत ने भी ये मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया है कि ड्रोन की इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से घातक साबित हो सकती हैं। इस हमले के बाद से भारत में ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ गई है। इस रिपोर्ट में जानिए आखिर ड्रोन है क्या और यह कैसे ऑपरेट होते हैं? इसके इस्तेमाल और इससे क्या नुकसान हो सकता है और देश में ड्रोन्स को उड़ाने को लेकर सरकार की क्या गाइडलाइन्स हैं।

ड्रोन क्या होता है?
ड्रोन्स को UAV यानी Unmanned aerial vehicles या RPAS यानी Remotely Piloted Aerial Systems भी कहा जाता है। आम बोल चाल वाली भाषा में इसे मिनी हैलिकॉप्टर भी कहते हैं। अक्सर शादी के दौरान फोटोग्राफी के लिए आपने ड्रोन का इस्तेमाल होते हुए देखा होगा। यह एक ऐसा यंत्र है, जिसमें एचडी कैमरे, ऑनबोर्ड सेंसर और जीपीएस लगा होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है। इसके चारों और 4 रोटर्स लगे होते हैं, जिनकी मदद से यह आसमान में ऊंचा उड़ने में सक्षम होता है। एक ड्रोन का वजन 250 ग्राम से लेकर 150 किलोग्राम से भी ज्यादा हो सकता है।

ड्रोन को उड़ाने के लिए सॉफ्टवेयर, जीपीएस और रिमोट की आवश्यकता होती है। रिमोट के जरिए ही ड्रोन को ऑपरेट और कंट्रोल कर सकते हैं। ड्रोन पर लगे रोटर्स की गति को रिमोट की जॉयस्टिक के जरिए कंट्रोल किया जाता है। वहीं, जीपीएस दिशाएं बताता हैं, जीपीएस दुर्घटना होने से पहले ही ऑपरेटर को चेतावनी भेज देता है। 

ड्रोन हमले किस तरह से हो सकते हैं?
ड्रोन का इस्तेमाल कई देशों की सेनाएं कर रही हैं, क्योंकि ये साइज में छोटे होते हैं इसलिए रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आ पाते हैं, साथ ही दुर्गम इलाकों में भी गुपचुप घुसपैठ कर सकते हैं। यही कारण है कि सेना में इनका इस्तेमाल बढ़ने लगा है।ड्रोन हमले दो प्रकार से संभव हैं। एक तरीका ये है कि ड्रोन में हथियार या विस्फोटक लगा दिए जाते हैं और ड्रोन इन हथियारों या विस्फोटक को लक्ष्य पर ड्रॉप कर देता है। ड्रोन से हमले का दूसरा तरीका है ड्रोन को खुद ही एक विस्फोटक में बदल दिया जाए। 

कितने घातक हो सकते हैं ड्रोन हमले?
ये ड्रोन के प्रकार और पेलोड पर निर्भर है। पेलोड मतलब ड्रोन कितना वजन अपने साथ लेकर उड़ सकता है। ड्रोन की पेलोड क्षमता जितनी ज्यादा होगी वो अपने साथ उतनी ज्यादा मात्रा में विस्फोटक सामग्री लेकर उड़ सकता है। अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन अपने साथ 1700 किलो तक वजन ले जाने में सक्षम हैं।

ड्रोन से अबतक के बड़े हमले
2020 में अमेरिका ने ईरानी मेजर जनरल सुलेमानी को मार गिराया था। इससे पहले 2019 में यमन के हूती विद्रोहियों ने साऊदी अरब की अरामको ऑयल कंपनी पर ड्रोन हमला किया था। पाकिस्तान के वजीरिस्तान में 2009 के दौरान एक ड्रोन हमले में 60 लोग मारे गए थे।

देश में ड्रोन्स के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन्स 
देश में नागरिक उड्डयन मंत्रालय(Ministry of Civil Aviation) ने ड्रोन उड़ाने पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। ड्रोन के वजन और साइज के अनुसार इन प्रतिबंधों को कई वर्ग में बांटा गया है।

1.नेनो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ती।

2.माइक्रो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए UAS Operator Permit-I से अनुमति लेनी पड़ती है और ड्रोन पायलट को SOP(Standard operating procedure) का पालन करना होता है। 

इनसे बड़े ड्रोन उड़ाने के लिए डीजीसीए से परमिट(लाइसेंस ) की आवश्यकता होती है। अगर आप किसी प्रतिबंधित जगह पर ड्रोन उड़ाना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपको डीजीसीए से अनुमति लेनी पड़ेगी। बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी है और इसके लिए ड्रोन ऑपरेटर पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान है।

ड्रोन उड़ाने के लिए प्रतिबंधित जगह

  • मिलिट्री एरिया के आसपास या रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाका।
  • इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 5 किलोमीटर और नेशनल एयरपोर्ट के 3 किलोमीटर का दायरा।
  • इंटरनेशनल बॉर्डर के 25 किलोमीटर का दायरा ।
  • इसके अलावा ड्रोन की कैटेगरी को मद्देनजर रखते हुए इन्हें कितनी ऊंचाई तक उड़ाया जा सकता है वो भी निर्धारित है।

ड्रोन उड़ाने के लिए जरूरी हैं लाइसेंस
नैनो ड्रोन्स को छोडकर किसी भी तरह के ड्रोन्स को उड़ाने के लिए लाइसेंस या परमिट की जरूरत पड़ती है।ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस दो कैटेगरी के अंतर्गत दिए जाते हैं, जिसमें पहला है स्टूडेंट रिमोट पायलट लाइसेंस और दूसरा है रिमोट पायलट लाइसेंस।इन दोनों लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए ड्रोन ऑपरेटर की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 65 साल होनी चाहिए। लाइसेंस के लिए ऑपरेटर कम से कम 10वीं पास या 10वीं क्लास के बराबर उसके पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से डिग्री होना अति आवश्यक हैं।आवेदन करने वाले व्यक्ति को डीजीसीए स्पेसिफाइड मेडिकल एग्जामिनेशन भी पास करना जरूरी है। लाइसेंस के लिए बैकग्राउंड भी चेक होता है।

जुर्माने का प्रावधान

  • बिना लाइसेंस उड़ाने पर 25000 रुपए का जुर्माना।
  • नो-ऑपरेशन जोन यानी प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ान भरने पर 50000 रुपए का जुर्माना।
  • ड्रोन का थर्ड पार्टी बीमा ना होने पर 10000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।