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Corona Pandemic: एक हाथ से रिक्शा चलाकर दिव्यांग दिल्ली से बिहार पहुंचा, बोला- अब कभी नहीं जाऊंगा

Corona Pandemic: एक हाथ से रिक्शा चलाकर दिव्यांग दिल्ली से बिहार पहुंचा, बोला- अब कभी नहीं जाऊंगा

हाईलाइट

  • देश में कोरोना का कहर जारी
  • देश में 17 मई तक लॉकडाउन लागू
  • अन्य राज्यों में फंसे श्रमिक हो रहे परेशान

डिजिटल डेस्क, गोपालगंज। देश में कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों अपने राज्यों में लौटने की कोशिश में लगे हुए हैं। ऐसे ही अपने गृहनगर लौटने के लिए 28 वर्षीय दिव्यांग मोहम्मद जुबैर (Mohammed Zubair) दिल्ली से बिहार साइकिल चलाकर पहुंचा है। उसने यह सफर तिपहिया वाहन से पूरा किया। बचपन से पोलियो प्रभावित और बाएं हाथ का इस्तेमाल करने में असमर्थ जुबैर ने दाएं हाथ का इस्तेमाल कर हर दिन 5-60 किलोमीटर की दूरी तय की। 

दो महीने पहले दिल्ली आया था
मोहम्मद जुबैर ने कहा कि वह नौकरी की तलाश में दो महीने पहले दिल्ली गया था। जहां उसे गाजीपुर मंडी में मछली काटने का काम मिला था। उसे हर दिन 200 रुपए मिलते थे। लॉकडाउन की घोषणा के बाद काफी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। इसलिए 23 अप्रैल को कुछ चावल, गुड़ और नमकीन पैक किया और अररिया स्थित अपने घर की तरफ निकल पड़ा। जुबैर ने कहा कि वह अब कभी दिल्ली नहीं जाएगा। 

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कई श्रमिक चेकपोस्ट पर मौजूद
जुबैर ने कहा कि वह गोपालगंज चेकपोस्ट पर प्रवासियों के पंजीकरण के लिए कतार में है। उम्मीद है कि बस अपने छत पर उनके वाहन सहित उसे ले जाएगी। चेक पोस्ट के पास दिल्ली, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, यूपी के प्रवासी है। अधिकांश प्रवासी अररिया, कटिहार, सुपौल, मधेपुरा, समस्तीपुर और किशनगंज के हैं। कुछ श्रमिकों ने बताया कि उन्होंने ट्रकों से लिफ्ट लेकर पैदल यात्रा की है। अन्य लोग मोटरसाइकिल और कुछ लोग पैसे देकर कार से आए हैं। 

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