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बॉर्डर विवाद: चीन से तनाव पर बोले रक्षा मंत्री राजनाथ, देश के मान-सम्मान पर चोट बर्दाश्त नहीं करेंगे

बॉर्डर विवाद: चीन से तनाव पर बोले रक्षा मंत्री राजनाथ, देश के मान-सम्मान पर चोट बर्दाश्त नहीं करेंगे

हाईलाइट

  • बॉर्डर को लेकर भारत- चीन तनाव पर बोले राजनाथ सिंह
  • कहा- देश के मान-सम्मान पर चोट बर्दाश्त नहीं करेंगे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन से लद्दाख सीमा पर चल रहे तनाव के बीच अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश के मान-सम्मान और स्वाभिमान पर किसी तरह की चोट को मोदी सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय से सोमवार को महाराष्ट्र की वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने चीन के मसले पर बयानों को लेकर विपक्ष को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने राहुल गांधी के शेर का जवाब शेर से देते हुए कहा- हाथ ही जब दर्द हो तो क्या कीजै।

राजनाथ सिंह ने कहा, भारत और चीन लगातार सैन्य और कूटनीतिक रूप से संपर्क में लगे हुए हैं। अब तक का परिणाम सकारात्मक रहा है, लेकिन मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मोदी सरकार में भारत की अखंडता और गरिमा पर कोई समझौता नहीं होगा। हम किसी के मान, सम्मान पर न चोट पहुंचाते हैं और न अपने मान, सम्मान और स्वाभिमान पर चोट बर्दाश्त कर सकते हैं, ये हमारा चरित्र रहा है। इसलिए विपक्ष को कहता हूं कि भारत-चीन मामले पर हमें ज्यादा समझाने की कोशिश मत कीजिए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के शेर का जवाब शेर से देते हुए कहा,हाथ में दर्द हो तो दवा कीजै, हाथ ही जब दर्द हो तो क्या कीजै। सिंह ने कहा कि कांग्रेस के कई नेता सवाल पूछ रहे हैं कि भारत चीन सीमा पर क्या हो रहा है? मैं देश की जनता को आश्वस्त करना चाहूंगा कि संसद में इस बारे में विस्तार से जानकारी दूंगा। सीमा को लेकर सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर चीन के साथ भारत की बातचीत जारी है। छह जून को सैन्य स्तर पर वार्ता हुई है।

राजनाथ सिंह ने इस दौरान कोरोना वायरस के मोर्चे पर महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार को फेल बताया। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर जिस प्रकार के हालात महाराष्ट्र में पैदा हुए हैं, वो एक गंभीर चिंता का विषय है। महाराष्ट्र में पैदा हुई चुनौती से निपटने के लिए जितना सहयोग हो सकता है वो सहयोग मोदी सरकार कर रही है।

महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, महाराष्ट्र की सरकार तीन दलों की सरकार है। लगता है सरकार के नाम पर सर्कस हो रहा है। डेवलपमेंट का जिस प्रकार का विजन महाराष्ट्र सरकार के पास होना चाहिए वो नहीं है। कोरोना से महाराष्ट्र के हालात देखें तो लगता है कि यहां सरकार नाम की चीज नहीं है। सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।

रक्षा मंत्री ने कहा कि जब चुनाव लड़ना हुआ तो भाजपा और शिवसेना का गठबंधन हुआ। लेकिन गठबंधन के बाद सत्ता की हवस में भाजपा को धोखा दिया गया। मैं भाजपा के चरित्र को स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम धोखा खा सकते हैं, लेकिन धोखा कभी दे नहीं सकते हैं। यह भाजपा का चरित्र है।

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