दैनिक भास्कर हिंदी: दिल्ली: 1 घर, 11 शव, 11 पाइप और रजिस्टर के क्या हैं रहस्य, जानिए पूरी कहानी

July 2nd, 2018

हाईलाइट

  • दिल्ली के बुराड़ी इलाके में स्थित एक घर में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत की मिस्ट्री लगातार उलझती ही जा रही है।
  • 11 शवों के बाद उसी घर से मिली 11 पाइपों और दो डायरी ने मामले को और ज्यादा रहस्यमयी बना दिया है।
  • अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है कि पूरे परिवार की मौत आखिर कैसे हुई।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के बुराड़ी इलाके में स्थित एक घर में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत की मिस्ट्री लगातार उलझती ही जा रही है। 11 शवों के बाद उसी घर से मिली 11 पाइपों और दो डायरी ने मामले को और ज्यादा रहस्यमयी बना दिया है। हालांकि जांच टीम परत-दर-परत खुलासा करती जा रही है, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है कि पूरे परिवार की मौत आखिर कैसे हुई। आइए जानते हैं क्या है, देश की राजधानी में हुई इस अविश्वसनीय अधंविश्वास की कहानी।

 

   


दरअसल रविवार को बुराड़ी के संत नगर में गली नंबर 24 में गुरुद्वारे के पास एक घर में 11 लोगों के शव मिले थे। सभी मृतक एक ही परिवार के थे, चार पुरुष और सात महिलाओं में 75 साल की बुजुर्ग से लेकर नाबालिग बच्चे भी शामिल थे। राजस्थान के रहने वाले ये लोग करीब 22-23 साल से बुराड़ी में रह रहे थे। इनके परिवार में कभी कोई झगड़ा भी नहीं होता था। इनकी अपनी दुकानें और कारोबार था, लेकिन 1 जुलाई यानि रविवार को इनके घर में सिर्फ लाशें बिछी मिलीं। सभी शव फांसी के फंदे पर लटके हुए थे। इनके हाथ, पैर, मुंह और आंखों पर पट्टियां बंधी हुई थीं।  

 

  


जांच टीम शुरुआत से ही सामूहिक आत्महत्या की आशंका जता रही है, लेकिन घर से बरामद हो रही चीजों ने सबको गहरे रहस्यों और तांत्रिक क्रियाओं में उलझा दिया है। सोमवार को 6 शवों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इनकी मौत गर्दन के सहारे लटकने से हुई है। 3-3 डॉक्टरों के दो मेडिकल बोर्ड ने शवों का पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में ये बताया गया है कि किसी भी सदस्य ने किसी तरह का विरोध नहीं किया। 

 

 

पुलिस को घर की दीवार में 11 पाइप भी मिले हैं। पानी के ये पाइप घर के बाहर निकले हुए हैं, जिनमें से 7 पाइप के मुंह नीचे की तरफ हैं, वहीं 4 पाइप के मुंह ऊपर की ओर हैं। अब इन पाइपों ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर 11 पाइपों का क्या मतलब है? इन पाइप से पानी भी नहीं निकलता है। दीवार पर भी पानी के निशान नहीं हैं। एक दीवार पर 11 पाइप लगाना सामान्य बात नहीं।

 

 

पाइप से पहले घर से दो रजिस्टर भी मिल चुके हैं। जिस पर बिल्कुल वैसी ही बातें लिखी हैं, जिस तरीके से सभी की मौत हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रजिस्टर में अलौकिक शक्तियां, मोक्ष के लिए मौत, आत्मा का अध्यात्म से रिश्ता जैसी अजीबो गरीब बातें लिखी हुई हैं। रजिस्टर्स में सभी की मौतों का दिन, वक्त और तरीका तक लिखा हुआ है।

 

 

 

हर पन्ने पर लिखी मौत की कहानी

 

  • रजिस्टर में लिखा हुआ था ‘मोक्ष प्राप्त करने के लिए जीवन को त्यागना होगा, जीवन त्यागने के लिए मौत को गले लगाना होगा, मौत को गले लगाने में कष्ट होगा और कष्ट से छुटकारा पाने के लिए आंखें बंद करनी होंगी।

 

  • चौंकाने वाली बात ये है कि सभी सदस्यों के मोबाइल साइलेंट मोट में घर की छोटी मंदिर के पास एक पॉलिथिन में बंधे मिले। डायरी के एक पन्ने पर लिखा है सभी को अपने-अपने हाथ-पैर खुद बांधने होंगे। हाथ-पैर खोलने के लिए हम लोग एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं। हाथों को बांधने वाली पट्टियां बच जाएं तो उन्हें आंखों पर डबल बांध लें।

 

  • अगले पन्ने में लिखा है- माताजी बुजुर्ग हैं। इसलिए वो साधना करने के लिए स्टूल पर नहीं चढ़ पाएंगी और ना ही देर तक उस पर खड़ी रह पाएंगी, इसलिए उन्हें दूसरे कमरे में साधना करानी होगी। परिवार के सभी सदस्यों की सोच एक जैसी होनी चाहिए, इसके बाद आगे के काम दृढ़ता से शुरू होंगे। साधना के वक्त किसी के भी चेहरे पर तनाव या दुख नहीं झलकना चाहिए। 

 

  • इसमें ये बात भी लिखी है कि कौन-कौन सी चुन्नी और साड़ी इस्तेमाल करनी होगी। वटवृक्ष और बड़वृक्ष की पूजा करने जैसी बात भी लिखी है। साधना के वक्त मध्यम रोशनी का प्रयोग ही करें।

 

  • एक पन्ने पर लिखा है, 'पट्टियां अच्छे से बांधनी है। शून्य के अलावा कुछ नहीं दिखना चाहिए। सात दिन बाद पूजा लगातार करनी है। थोड़ी लगन और श्रद्धा से। कोई घर में आ जाए तो अगले दिन। गुरुवार या रविवार को चुनिए। रात 12 से 1 बजे के बीच क्रिया करनी है, और उससे पहले हवन करना है।

 

  • बताया जा रहा है कि ये रजिस्टर 2017 से तैयार किया जा रहै है। आखिरी बार 25 जून को रजिस्टर में कुछ बातें लिखी गईं। रजिस्टर में लिखा था- सभी इच्छाओं की पूर्ति हो। रजिस्टर में लिखी बातों से अंदाजा लगाया जा रहा है कि ये पूरी क्रिया किसी मनोकामना को पूरा करने के लिए की गई है, या फिर सामूहिक सुसाइड के पीछे की वजह मोक्ष की इच्छा हो सकती है।

 

  • वहीं जांच के बीच सभी मृतकों की आंखे दान कर दी गई हैं। 11 लोगों की आंखे 22 लोगों की दी गई हैं। ये भी इसलिए किया गया है क्योंकि परिवार काफी धार्मिक था। फिलहाल क्राइम ब्रांच पूरे मामले की जांच कर रही है।