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अजय माकन ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, कांग्रेस ने किया खंडन

September 18th, 2018 13:15 IST

हाईलाइट

  • दिल्ली प्रदेश कांग्रेस को बड़ा झटका।
  • अजय माकन ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया।
  • कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भेजा इस्तीफा।
  • स्वास्थ्य कारणों की वजह से दिया इस्तीफा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को भेज दिया है। हालांकि अभी तक इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया है। वहीं कांग्रेस ने माकन के इस्तीफे की खबर का खंडन करते हुए कहा है कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। 
 

13 सितंबर को ही दे दिया था इस्तीफा

जानकारी के अनुसार अजय माकन ने 13 सितंबर को ही राहुल गांधी और दिल्ली के प्रभारी पीसी चाको को इस्तीफा भेज दिया था, लेकिन इस्तीफा अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है। दूसरी ओर ये भी खबर है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन की सुगबुगाहट की वजह से वह नाराज थे, इसलिए इस्तीफा दिया।



कांग्रेस ने इस्तीफे की खबर का खंडन किया

सूत्रों के मुताबिक अजय माकन इस्तीफा देने के बाद अपने इलाज के लिए विदेश रवाना हो गए हैं। हालांकि पार्टी की तरफ से इस्तीफे की खबर का खंडन किया गया है। कांग्रेस ने बताया दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष माकन ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। उनको स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हैं और वह इलाज के लिए गए हैं। वह जल्द ही वापस लौटेंगे। कांग्रेस के मुताबिक वह हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली मामलों के प्रभारी पीसी चाको से मिले भी थे।



पहले भी इस्तीफा दे चुके हैं माकन

गौरतलब है कि इससे पहले 2017 में दिल्ली नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस की हार हुई थी, जिसके बाद अजय माकन ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन तब उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ था। पार्टी ने 2015 में अरविंदर सिंह लवली की जगह अजय माकन को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया था। अजय माकन दो बार लोकसभा के सांसद और तीन बार दिल्ली विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं। यूपीए सरकार में अजय माकन के पास अलग-अलग समय पर हाउसिंग मिनिस्ट्री, खेल युवा मंत्रालय और गृह राज्य मंत्री की जिम्मेदारी थी। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।