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उन्नाव रेप केस: दुष्कर्म आरोपी कुलदीप की सजा पर फैसला टला, 20 दिसंबर को होगी सुनवाई

उन्नाव रेप केस: दुष्कर्म आरोपी कुलदीप की सजा पर फैसला टला, 20 दिसंबर को होगी सुनवाई

हाईलाइट

  • कुलदीप सेंगर की सजा पर फैसला टला
  • 20 दिसंबर को दोबारा होगी सुनवाई
  • सीबीआई ने अधिकतम सजा की मांग

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उन्नाव रेप केस में बीजेपी से निष्कासित विधायक कुलदीप सेंगर की सजा पर फैसला टल गया है। कोर्ट इस मामले पर अब 20 दिसंबर को सुनवाई करेगा। सजा पर बहस के दौरान सीबीआई ने कोर्ट से अधिकतम सजा की मांग की है। बचाव पक्ष ने सेंगर के सामाजिक जीवन का हवाला देते हुए कम से कम सजा की मांग रखी। इस मामले में कोर्ट ने एक अन्य आरोपी शाशि सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने शशि सिंह को बरी करते हुए कहा कि उनकी भूमिका संदेहास्पद है।

कुलदीप सिंह सेंगर को भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया गया है। फैसला मोबाइल फोन रिकॉर्ड के साक्ष्य के आधार पर दिया गया है। वहीं कोर्ट ने सीबीआई को भी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई ने पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों को ठीक तरह से लागू नहीं किया। पीड़िता के पास बयान लेने की बजाय उसे जांच एजेंसी के ऑफिस बुलाया गया। ऐसी वजहों से ही न्याय में देरी होती है। 

बता दें 4 जून 2017 को सेंगर ने पीड़िता का अपहरण कर उसके साथ रेप किया था। 8 अप्रैल, 2018 को यह मामला उस वक्त सुर्खियों में आया था जब पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के सामने आत्महत्या करने की कोशिश की थी। यूपी के बांगरमऊ विधानसभा सीट से विधायक कुलदीप सेंगर को भाजपा ने अगस्त 2019 में पार्टी से निकाल दिया। कोर्ट ने 9 अगस्त को विधायक के खिलाफ आरोप तय किए। केस में कुल पांच एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें एक पर अदालत ने अपना फैसला सुनाया। बाकी केसों पर सुनवाई कोर्ट में चल रही है। जिसमें पीड़िता के पिता की कस्टडी में मौत, सड़क दुर्घटना में परिवार के मारे गई दो महिला, पीड़िता के साथ किए गैंगरेप और चाचा के खिलाफ झूठा केस दर्ज करने से जुड़े मामले शामिल है। 


 

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MORDHWAJ YEDE December 17th, 2019 19:18 IST

kab hogi to saja........ batao na ab bhi saboot nhi mil rhe hai kya.... ek reapist ko fasi tak nhi de sakte..... to kya khaq insaf karenge ye judge aur supreme Court.............. I hate

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।