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कोरोनावायरस: क्राइम ब्रांच के निशाने पर जमात प्रमुख मौलाना साद का बड़ा बेटा, दस्तावेज किए जब्त

कोरोनावायरस: क्राइम ब्रांच के निशाने पर जमात प्रमुख मौलाना साद का बड़ा बेटा, दस्तावेज किए जब्त

हाईलाइट

  • मौलाना साद के बेटे के दस्तावेज जब्त
  • क्राइम ब्रांच जमात के फंड के स्त्रोत की पड़ताल कर रही है
  • क्राइम ब्रांच ने 900 लोगों को नोटिस दिया है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (Crime Branch) ने तब्लीगी जमात (Tablighi Jamaat) के प्रमुख मौलाना साद (Maulana Saad) के बेटे के बैंक पेपर और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। गौरतलब है कि क्राइम ब्रांच मार्च दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में जमात द्वारा आयोजित कार्यक्रम की जांच कर रही है, जो कोविड-19 का सबसे बड़ा केंद्र है। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मौलाना साद के तीन बेटों में सबसे बड़े सईद (Saeed) की जमात के कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका थी। इससे पहले क्राइम ब्रांच ने मार्काज के पांच सदस्यों के पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज जब्त किए थे।  पासपोर्ट जब्त होने पर अब इनमें से कोई भी जांच पूरी होने तक देश छोड़कर नहीं जा सकता। 

मौलाना साद के तीन बेटों और एक भतीजे की अपराध शाखा द्वारा जांच की जा रही है। इसके अलावा क्राइम ब्रांच की एक अन्य टीम जमात के फंड के स्त्रोत की पड़ताल कर रही है। टीम ने पाया है कि जमात को विभिन्न स्रोतों से पैसा मिल रहा था। वे इन फंडों के पीछे व्यक्तियों और संस्थानों की पहचान खोजने की कोशिश कर रहे हैं।

क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने 900 लोगों को नोटिस दिया है। उन्होंने बताया, मामले की जांच कर रही टीम के कुछ सदस्य कोरोना वायरस के कारण क्वारटींन थे, लेकिन अब वे वापस आ गए हैं, तो जांच जल्द ही पूरी की जाएगी। 

इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि निजामुद्दीन घटना के बाद हुए मामलों में भारत को अचानक बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि यह घटना सभी समुदायों के लिए एक सबक है कि जब देश द्वारा सामूहिक निर्णय लिया जाता है तो उसका अनुशासन के साथ पालन किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय राजधानी के निजामुद्दीन क्षेत्र में तब्लीगी जमात द्वारा मार्च में आयोजित एक बड़ी सभा एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गई थी।

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