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Delhi Police Conference: दिल्ली में कई जगह कर्फ्यू, पुलिस ने हालात काबू में होने का किया दावा


हाईलाइट

  • धारा 144 के बाद भी दिल्ली में भड़की हिंसा
  • अब तक 11 FIR दर्ज, ड्रोन से रखी जा रही नजर
  • छतों से लोगों ने की पत्थरबाजी, एक्शन में पुलिस

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नागरिकता कानून और एनआरसी के समर्थकों और विरोधियों के बीच भड़की हिंसा उत्तरपूर्वी दिल्ली के कई क्षेत्रों में अब भी जारी है। हिंसा में अब तक एक हेड कॉन्सटेबल समेत 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो आईपीएस अफसरों और 56 पुलिसकर्मियों सहित करीब 200 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। घायलों का जीटीबी अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। यह दावा मंगलवार शाम छह बजे आईटीओ स्थित मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता एडिश्नल पुलिस कमिश्नर मंदीप सिंह रंधावा ने किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली में तीन दिन में ​अब तक 11 एफआईआर दर्ज की गईं हैं। वहीं कई इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया है। हिंसात्मक प्रदर्शनों को देखते हुए पूरी दिल्ली में एक महीने के लिए धारा 144 लगाई गई है।

हिंसाग्रस्त इलाके की ड्रोन से निगरानी 
रंधावा ने बताया कि हिंसाग्रस्त इलाके की ड्रोन से लगातार निगरानी की जा रही है। अभी भी भीड़ हमले करके भाग जा रही है। पुलिस भीड़ के पीछे-पीछे उसे तितर-बितर करने के लिए दौड़ रही है। उत्तरी पूर्वी जिले में भी मंगलवार को भी भीड़ कोहराम मचाए है। मगर हालात अब काबू में हैं। 

पुलिस और सरकार सतर्क है
रंधावा कुछ रटे-रटाए आंकड़े इकट्ठे करके पत्रकारों को बवाल के बाबत तीन दिन बाद ब्रीफ करने पहुंचे थे। रंधावा ने प्रेस वार्ता की शुरुआत में दावा किया, जाफराबाद, भजनपुरा, गोकुलपुरी, मौजपुर इलाके में हालात काबू में हैं। पुलिस और सरकार सतर्क है। एहतियातन सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए हैं।

संकरी गलियां होने के कारण कार्रवाई में दिक्क्त
इस लंबी दावेदारी के बाद घटना को दबाकर पेश करने की उलझन में आनन-फानन में प्रेस वार्ता करने पहुंचे रंधावा ने दिल्ली पुलिस की पोल खुद ही यह बताकर खोल दी कि जिन इलाकों में घटनाएं घट रही हैं, उन इलाकों की गलियां बेहद संकरी हैं। भीड़ हमले करके भाग जा रही है। हम भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पीछे-पीछे जा रहे हैं। लोग छतों से पथराव कर रहे हैं। भीड़ के निशाने पर पुलिस और आम लोग हैं। पुलिस को भीड़ पर काबू पाने में थोड़ी-बहुत परेशानी हो रही है। हम लोग ड्रोन से भी निगरानी कर रहे हैं।

56 पुलिसकर्मी और 130 आम नागरिक घायल
पुलिस प्रवक्ता ने आगे कहा, सोमवार और मंगलवार को हुई हिंसा में दिल्ली पुलिस ने अपने एक हवलदार रतन लाल को खो दिया। 186 लोग जख्मी हैं। जख्मी लोगों में 56 दिल्ली पुलिस के अफसर और कर्मचारी व 130 के करीब आमजन हैं। घायलों में शाहदरा के डीसीपी अमित शर्मा और गोकुलपुरी सब डिवीजन के एसीपी की हालत नाजुक बनी हुई है। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में दाखिल कराया गया है।

कई इलाकों में मंगलवार को भी फायरिंग
रंधावा ने बताया कि मंगलवार को भी उत्तर पूर्वी दिल्ली जिले में कई स्थानों पर गोलीबारी, आगजनी और पथराव के बाद भी दिल्ली पुलिस प्रवक्ता ने दावा किया कि हालात काबू में हैं। उन्होंने मीडिया में आ रही उन खबरों का खंडन किया जिनमें शांति बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस के पास पर्याप्त सुरक्षा बल मुहैया न होने की बात कही या की जा रही है।

11 एफआईआर दर्ज की गई
पुलिस प्रवक्ता ने आगे कहा कि इस फसाद में अब तक 11 एफआईआर दर्ज की गई हैं। कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तादाद बढ़ा दी गई है। कंट्रोल रूम से लेकर ग्राउंड जीरो तक पर दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी खुद डटे हैं।

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