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देवरिया कांड: बड़ी लापरवाही, किसी को भनक तक नहीं 8 महीने से गायब हैं 7 नवजात

September 08th, 2018 18:28 IST
देवरिया कांड: बड़ी लापरवाही, किसी को भनक तक नहीं 8 महीने से गायब हैं 7 नवजात

हाईलाइट

  • लावारिस मिलने पर बाल कल्याण समिति के हवाले किए गए थे बच्चे।
  • नवजातों के इस तरह लापता होने का पुलिस ने भी संज्ञान नहीं लिया।
  • इन 7 बच्चों को रजला में गिरीजा त्रिपाठी के शिशु गृह में रखा गया था।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। देवरिया के जिस विंध्यवासिनी बालिक संरक्षण गृह से 18 लड़कियां लापता हैं, उस संस्था से 7 नवजात भी गायब हैं। इनमें वे बच्चे हैं, जो लावारिस मिलने पर बाल कल्याण समिति के हवाले किए गए थे। दिसंबर 2017 से बच्चे गायब हैं। पुलिस को संरक्षण गृह की संचालिका के घर से 42 लोगों की जो सूची मिली थी, उसमें 7 बच्चों का नाम नहीं था। नवजातों के इस तरह लापता होने का पुलिस ने भी संज्ञान नहीं लिया। इन 7 बच्चों को रजला में गिरीजा त्रिपाठी के शिशु गृह में रखा गया था। बाल कल्याण समिति ने काफी कोशिश की कि बच्चों को गोरखपुर दत्तक केंद्र में ट्रांसफर कर दिया जाए, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली।

कई बच्चों का रजिस्ट्रेशन नहीं
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉक्टर एसके यादव ने बताया कि 26 दिसंबर 2017 को उन्होंने बाल कल्याण समिति अध्यक्ष का पद संभाला। महाराजगंज, देवरिया और आसपास के इलाकों से 7 लावारिस नवजात मिले, जिनका रजिस्ट्रेशन सेंट्रल अडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (कारा) में करवाया गया। छह महीने बाद भी बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया शुरू न होने पर कारा ने डीपीओ को कई चिटि्ठयां लिखीं, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। कारा को शिशु गृह से कुछ ऐसे बच्चे भी मिले हैं, जिनका रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराया गया था। डॉ. यादव ने बताया कि जीआरपी को एक साल पहले एक नवजात मिला था। जीआरपी ने बच्चा गिरिजा त्रिपाठी की संस्था को सौंप दिया। बच्चा अब कहां हैं, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। 

सरकार ने CBI को सौंपी जांच
बता दें कि सरकार इस मामले की जांच CBI को सौंप चुकी है। सरकार ने ADG क्राइम के नेतृत्व में SIT भी गठित की है। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि हम देवरिया शेल्टर होम केस CBI को ट्रांसफर कर रहे हैं। इसके साथ ही हमने ADG क्राइम के नेतृत्व में SIT भी गठित की है। योगी ने कहा था कि CBI ने 2015-16 में कहा था कि इस शेल्टर होम में वित्तीय अनियमितताएं हैं। 2017 में जब हमारी सरकार आई तो हमने इस शेल्टर होम को बंद करने का आदेश दे दिया। जिला प्रशासन ने समय पर एक्शन नहीं लिया। इसीलिए जिला अधिकारी का ट्रांसफर कर दिया गया है।

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