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शिवराज से मिले दिग्विजय के विधायक भाई लक्ष्मण सिंह, सियासी अटकलें तेज

शिवराज से मिले दिग्विजय के विधायक भाई लक्ष्मण सिंह, सियासी अटकलें तेज

हाईलाइट

  • लक्ष्मण सिंह ने शिवराज सिंह चौहान से की मुलाकात
  • पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई और चाचौड़ा विधायक हैं लक्ष्मण सिंह
  • चाचौड़ा को जिला बनाने की मांग कर रहे हैं लक्ष्मण सिंह
  • शिवराज से मुलाकात के निकाले जा रहे सियासी मायने

डिजिटल डेस्क, भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के छोटे भाई कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह और शिवराज सिंह चौहान की मुलाकात ने सूबे की सियासत में कयासों का बाजार फिर गर्मा दिया है। बुधवार को शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात करने लक्ष्मण सिंह उनके बंगले पहुंचे, जहां दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में 15 मिनट तक बातचीत हुई। हालांकि बातचीत किस मसले पर हुई ये स्पष्ट नहीं है, लेकिन अपनी ही सरकार से लगातार नाराज चल रहे लक्ष्मण सिंह के अगले कदम को लेकर कयास लगने तेज हो गए हैं। वहीं शिवराज सिंह चौहान ने भी इसे सामान्य मुलाकात बताया है।

मंगलवार को भाई दिग्विजय के बंगले के बाहर दिया था धरना

लक्ष्मण सिंह चाचौड़ा से विधायक हैं और लंबे समय से चाचौड़ा तहसील को जिला बनाए जाने की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी चुनाव से पहले वादा किया था कि चाचौड़ा को जिला बनाया जाएगा, लेकिन सरकार की ओर से इस दिशा में अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। इसी बात से नाराज लक्ष्मण सिंह ने मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ दिग्विजय सिंह के बंगले के बाहर धरना दिया। 7 घंटे चले धरने के बाद दिग्विजय सिंह के आश्वासन पर लक्ष्मण सिंह ने धरना खत्म कर दिया था।

कर्ज माफी को लेकर उठा चुके हैं सवाल

कर्ज माफी को लेकर लक्ष्मण सिंह सितंबर में अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर चुके हैं। उन्होंने राहुल गांधी को मप्र के किसानों से माफी मांगने की सलाह दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि हमारी सरकार कर्ज माफी के वादे को पूरा नहीं कर पाई है, राहुल गांधी को किसानों से माफी मांगनी चाहिए साथ ही ये भी स्पष्ट करना चाहिए कि इस प्रक्रिया में कितना वक्त लगेगा। 

क्या मंत्री बनना चाहते हैं लक्ष्मण सिंह ?

लक्ष्मण सिंह पार्टी के सीनियर विधायक हैं और 5 बार सांसद रहे हैं। उन्हें उम्मीद थी कि कमलनाथ सरकार में उन्हें मंत्री पद मिलेगा, लेकिन अब तक उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है। इसी से नाराज लक्ष्मण सिंह गाहे बगाहे अपनी ही सरकार को आंखें दिखाते रहे हैं। उनकी पत्नी भी ट्विटर पर खासी सक्रिय रहती हैं और मुद्दों को उठाती रहती हैं। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह कमलनाथ सरकार में मंत्री हैं।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।