दैनिक भास्कर हिंदी: घाटी में शांति के लिए आज से कश्मीर जाकर बातचीत करेंगे दिनेश्वर शर्मा

August 30th, 2018

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। घाटी में शांति बहाल करने की दिशा में केंद्र सरकार ने सोमवार से पहल कर दी है। सरकार की तरफ से नियुक्त विशेष प्रतिनिधि दिनेश्वर शर्मा आज कश्मीर जाकर बातचीत शुरू करेंगे। दिनेश्वर शर्मा का ये 5 दिवसीय दौरा होगा. जिसमें वो 2 दिन जम्मू में रहेंगे जबकि 3 दिन कश्मीर घाटी के क्षेत्रों में रुकेंगे।

शनिवार को दिनेश्वर ने बातचीत के दौरान कहा था कि उनके पास कोई जादू की छड़ी नहीं जो वो घुमाएंगे और सब ठीक हो जाएगा। फिर भी घाटी में स्थाई शांति बहाल करने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, इस बीच जानकारी मिली है कि अलगाववादी पार्टियों के नेताओं ने विशेष प्रतिनिधि के साथ बात करने से इनकार किया है। वहीं सुरक्षा कारणों के लिहाज से सरकार ने बैठक स्थल की जानकारी नहीं दी है और इसी वजह से पूरे कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

जानकारी के अनुसार दिनेश्वर सुबह श्रीनगर पहुंच जाएंगे। जिसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच बैठक स्थल जाएंगे और शांति बहाली व कश्मीर समस्या के समाधान के लिए रोडमैप तैयार करने के मकसद से वे विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मिलेंगे।

कश्मीर से विशेष लगाव

दिनेश्वर ने कश्मीर जाने से पहले कहा कि कश्मीर मेरा दूसरा घर है। यह जैसा पहले था वैसा ही है यहां कि कश्मीरियत आपसी भाईचारे और सद्भाव को दर्शाती है। उन्होंने साफ कहा कि कश्मीर की समस्या का हल बातचीत से ही दूर होगा, न कि हिंसा से। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि कश्मीर में शांति बहाल होगी। बातचीत का मकसद केवल कश्मीर में स्थाई शांति को लाना है। 

फारूक अब्दुल्ला ने कहा दिनेश्वर से कोई उम्मीद नहीं

रविवार को नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हमें दिनेश्वर शर्मा से कोई ज्यादा उम्मीद नहीं है, क्योंकि इससे पहले भी केंद्र सरकार ने बहुत से अधिकारियों को नियुक्त किया है। हमारे राज्यपाल एनएन वोहरा भी वार्ताकार रह चुके हैं।, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है। अब तक दी गई वार्ताकारों की रिपोर्ट और सिफारिशों पर केंद्र की तरफ से कोई चर्चा नहीं हुई है, इसलिए दिनेश्वर शर्मा भी आएंगे और जाएंगे।

दिनेश्वर को मध्यस्थता का लंबा अनुभव

बता दें कि दिनेश्वर शर्मा 1979 बैच के आईपीएस ऑफिसर हैं। साथ ही वे इंटेलिजेंस ब्यूरो (आर्इबी) के हेड रह चुके हैं और मणिपुर में अलगाववादी गुटों से बातचीत कर चुके हैं। शर्मा की  पोस्टिंग कश्मीर में पहली बार मई 1992 में हुई थी। वे इंटेलिजेंस ब्यूरो के दिल्ली हेडक्वार्टर से एक साल की ट्रेनिंग लेने के बाद कश्मीर गए थे। उस वक्त शर्मा 36 साल के थे। वे घाटी में 1992 से 1994 तक सहायक निदेशक के पद पर कार्यरत रहे। इसके बाद 2014 से 2016 तक आईबी के प्रमुख के तौर पर काम किया है।