comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

नई बाबरी मस्जिद: इस्लामी मान्यता के कारण 2 महीने तक नहीं हो सकेगा मस्जिद के निर्माण पर कोई काम

नई बाबरी मस्जिद: इस्लामी मान्यता के कारण 2 महीने तक नहीं हो सकेगा मस्जिद के निर्माण पर कोई काम

हाईलाइट

  • ट्रस्ट का बैंक खाता खोलने के लिए प्रस्ताव पारित
  • 2 अगस्त को ही दिए गए भूमि के कागजात
  • धन्नीपुर गांव में उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को जमीन आवंटित

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अयोध्या के धन्नीपुर गांव में बनने वाली नई बाबरी मस्जिद पर कम से कम दो महीने तक जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं होगा। मस्जिद के निर्माण की देखरेख के लिए बनाए गए ट्रस्ट इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (IICF) के आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, ऐसा इसलिए है क्योंकि अब तक साइट पर फसलें खड़ी हैं। ट्रस्ट के सचिव और प्रवक्ता अतहर हुसैन ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस को बताया कि जब तक खड़ी धान की फसल काटी नहीं जाती, तब तक जमीनी स्तर पर कुछ नहीं होगा। हरी खेती को अनावश्यक रूप से नुकसान पहुंचाना इस्लाम में हराम (निषिद्ध) है।

ट्रस्ट का बैंक खाता खोलने के लिए प्रस्ताव पारित
उन्होंने कहा कि इससे पहले कि हम किसी निर्माण की योजना बनाएं, कम से कम दो महीने लग जाएंगे। ऐसे में यह देखते हुए कि अगले कुछ महीनों में कोई निर्माण शुरू नहीं हो सकता है। इस संबंध में अन्य काम हो रहे हैं। बैंक खाता खोलने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया है। इस बीच सोहावल तहसील, जिसके तहत धन्नीपुर गांव आता है, में स्थानीय अधिकारी मेड़बंदी (भूमि सीमांकन) का काम कर रहे हैं। हुसैन ने कहा, इसके बाद हम वास्तुकार की अंतिम मंजूरी के लिए आगे बढ़ेंगे।

2 अगस्त को ही दिए गए भूमि के कागजात
उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें नहीं लगता कि काम की गति बहुत धीमी है, वहीं दूसरी ओर राम मंदिर के निर्माण के लिए श्री राम मंदिर तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट पहले ही भूमि पूजन कर चुका है, इस पर हुसैन ने कहा, हमारी गतिविधि और दूसरे ट्रस्ट के साथ हमारी गति की तुलना करना बहुत अनुचित है। हमें दो अगस्त को ही भूमि के कागजात सौंपे गए थे और पांच अगस्त को प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में भाग लिया था।हुसैन का कहना है कि अब इस्लामी मान्यता के अनुसार, जो फसल उखाड़ने से परहेज करती है, इस प्रक्रिया में और देरी हुई है।

मस्जिद के लिए धन्नीपुर गांव में यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को जमीन आवंटित है
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अयोध्या जिले के धन्नीपुर गांव में उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को जमीन आवंटित की है। मस्जिद बनाने के लिए भूमि आवंटित करने के संबंध में नौ नवंबर, 2019 को शीर्ष अदालत ने आदेश दिया था, जिसके अनुपालन में मस्जिद निर्माण के लिए भूमि दी गई है। आईआईसीएफ, जो सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा बनाया गया है, उसने आवंटित की गई जगह पर सार्वजनिक उपयोगिताओं वाले निर्माण का फैसला किया है, जिसमें अस्पताल, इस्लामी अनुसंधान केंद्र, सामुदायिक रसोईघर आदि शामिल है।

कमेंट करें
QxrMD
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।