comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

बैठक के दौरान सिद्धू ने उबली सब्जी और मैंने खाई मिस्सी रोटी : अमरिंदर

November 27th, 2020 00:31 IST
 बैठक के दौरान सिद्धू ने उबली सब्जी और मैंने खाई मिस्सी रोटी : अमरिंदर

हाईलाइट

  • बैठक के दौरान सिद्धू ने उबली सब्जी और मैंने खाई मिस्सी रोटी : अमरिंदर

चंडीगढ़, 26 नवंबर (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अपने पूर्व कैबिनेट सहयोगी नवजोत सिंह सिद्धू से राजनीतिक मतभेद के एक साल बाद हुई मुलाकात के बाद कहा कि उनके पूर्व सहयोगी ने उबली सब्जियां खाईं और उन्होंने खुद दोपहर का भोजन किया।

मुख्यमंत्री ने सिद्धू के लिए एक बड़े भोज की मेजबानी करने संबंधी शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की ओर से की गई टिप्पणी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके पूर्व कैबिनेट सहयोगी ने महज उबली हुई सब्जी खाई, जबकि उन्होंने खुद दोपहर के भोजन में दही के साथ मिस्सी रोटी खाई थी।

उन्होंने कहा, क्या यह अकालियों को एक प्रीतिभोज (बैंक्वेट) जैसा दिखता है?

अमरिंदर सिंह ने उम्मीद जताई कि वह और सिद्धू कल (बुधवार) की तरह ही सौहार्दपूर्ण बैठकें जारी रखेंगे। सिंह ने कहा कि उन्होंने बैठक के दौरान अन्य चीजों के अलावा क्रिकेट के बारे में बातचीत की।

अमरिंदर सिंह ने कहा कि एक घंटे की लंच मीटिंग के दौरान दोनों अच्छे मूड में थे। उन्होंने कहा, मैं बैठक से संतुष्ट और खुश हूं और इसलिए सिद्धू भी होंगे।

दोनों के बीच गंभीर चर्चा की मीडिया अटकलों को खारिज करते हुए, मुख्यमंत्री ने चुटकीले अंदाज में कहा कि इस बैठक में पंजाब या भारत या फिर दुनिया के लिए कोई भी योजना नहीं बनाई गई।

अमरिंदर सिंह ने कहा, हमने कुछ सरल बातचीत की, जिसके दौरान सिद्धू ने अपने क्रिकेट के कई अनुभव साझा किए।

पिछले साल जुलाई में राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद से सिद्धू कम झूठ बोल रहे थे।

बता दें कि बुधवार को मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार ने ट्वीट किया था कि दोनों नेताओं ने अमरिंदर सिंह के आवास पर करीब एक घंटा साथ बिताया और विभिन्न मामलों पर विचार साझा किए।

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार ने ट्वीट किया, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू ने मध्याह्न् भोजन पर सौहार्दपूर्ण मुलाकात की, जिसमें पंजाब और राष्ट्रीय हितों के अहम राजनीतिक मामलों पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने करीब एक घंटे तक साथ बिताए समय के दौरान अहम मामलों पर विचार साझा किए।

पंजाब कांग्रेस के इन दोनों दिग्गज नेताओं की इस मुलाकात के बाद इस ये चचार्एं शुरू हो गई थीं कि क्रिकेटर से राजनेता बने सिद्धू को राज्य की कैबिनेट में फिर से स्थान मिल सकता है।

एकेके/एसजीके

कमेंट करें
2aJh5
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।