comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

दशहरा: RSS के पथ संचलन मार्च में भागवत ने की मोदी सरकार की जमकर तारीफ


हाईलाइट

  • विजयादशमी के मौके पर RSS के पथ संचलन मार्च का आयोजन
  • मुख्य अतिथि के तौर पर HCL के संस्थापक शिव नादर उपस्थित
  • महाराष्ट्र CM फडणवीस के साथ रिटायर्ड जनरल वीके सिंह और नितिन गडकरी भी मौजूद

डिजिटल डेस्क नागपुर। देश भर में आज (मंगलवार) 'असत्य पर सत्य की जीत' का दशहरा पर्व मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा भी पथ संचलन मार्च का आयोजन किया गया। RSS प्रमुख मोहन भागवत के नेतृत्व में आयोजित हो रहे इस पथ संचलन मार्ग कार्यक्रम में पद्म भूषण से सम्मानित और HCL के संस्थापक शिव नादर (Shiv Nadar) मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। वहीं महाराष्ट्र मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, रिटायर्ड जनरल वीके सिंह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान RSS प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संबोधन में मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि 'मोदी सरकार ने कई साहसिक फैसले लिये है। जिस कारण जनता ने सरकार पर भरोसा जताया है।' उन्होंने कहा कि 'देश में कई सराहनीय परिवर्तन भी हुए हैं लेकिन कुछ लोंगो को यह बदलाव पसंद नहीं आ रहा है।' उन्होंने सरकार के जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले की प्रशंसा करते हुए बताया कि 'सेना का मनोबल बढ़ा है और देश अब पहले से भी ज्यादा सुरक्षित है।'

भागवत ने मॉब लिंचिंग पर चर्चा करते हुए कहा कि 'ऐसी घटनाओं को रोकना हर किसी की जिम्मेदारी है। लिंचिंग की आड़ में देश और हिन्दू समाज का नाम बदनाम करने के साथ कुछ समुदायों के बीच भय पैदा किया जा रहा है।' उन्होंने कहा कि 'देश की पहचान उदारता है, लिंचिंग नहीं।' अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि 'लिंचिंग जैसी घटनाओं से संघ का कुछ भी लेना-देना नहीं है लेकिन इस सबको तरह-तरह से पेश करके उसे झगड़ा बनाने का काम चल रहा है। एक षडयंत्र चल रहा है, यह सभी को समझना चाहिए।' साथ ही भागवत ने अपने संबोधन में बताया कि चंद्रयान-2 ने विश्वभर में भारत का मान बढ़ाया है।

डॉ. हेडगेवार ने रखी थी RSS की नींव

50 हजार से भी ज्यादा शाखाओं वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार द्वारा 27 सितंबर 1925 को की गई थी। उन्होंने मुंबई में मोहिते के बाड़े नाम की एक जगह में RSS की नींव रखी थी। उस समय इस संघ में महज 5 ही स्वयंसेवक थे। बता दें कि जिस दिन (27 सितंबर 1925) RSS की स्थापना की गई थी, उस दिन दशहरा था। यही कारण है कि स्वयंसेवकों द्वारा इसी दिन RSS का स्थापना दिवस मनाया जाता है।

कमेंट करें
qOCra
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।