दैनिक भास्कर हिंदी: 'मोदी जी की सेना' वाले बयान पर योगी को EC की सलाह, ऐसे शब्दों को लेकर बरते सावधानी

April 6th, 2019

हाईलाइट

  • चुनाव आयोग ने योगी आदित्यनाथ को भविष्य में मोदी जी की सेना जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
  • योगी आदित्यनाथ ने एक रैली में भारतीय सेना को "मोदीजी की सेना" कहा था जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया था।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भविष्य में 'मोदी जी की सेना' जैसे शब्दों के इस्तेमाल को लेकर अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। योगी आदित्यनाथ ने एक रैली में भारतीय सेना को "मोदीजी की सेना" कहा था जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया था। विपक्ष ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया था।

योगी आदित्यनाथ को शो कॉज नोटिस जारी किए जाने के एक दिन बाद चुनाव आयोग की ये टिप्पणी सामने आई है। चुनाव आयोग ने आदित्यनाथ से 5 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने को कहा था। इससे पहले, उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 31 मार्च को गाजियाबाद की रैली में आदित्यनाथ द्वारा दिए गए भाषण की प्रतिलिपि मांगी थी।

बता दें कि यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आदित्यनाथ के भाषण की एक कॉपी मांगी थी, जो उन्होंने गाजियाबाद में दिया था। यह जांचने के लिए कि आदर्श आचार संहिता का कोई उल्लंघन हुआ है या नहीं। इस कॉपी को पढ़ने के बाद ये नोटिस जारी किया गया था।

रविवार को गाजियाबाद में एक रैली में, पुलवामा आतंकी हमले के बाद के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा था कि जब कांग्रेस आतंकवादियों को बिरयानी खिलाती थी, तो मोदीजी की सेना आतंकवादियों को गोला और गोली देती है। उन्होंने कहा था, कांग्रेस के लोग मसूद अजहर जैसे आतंकियों के लिए जी का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में बीजेपी सरकार आतंकियों के कैंप पर हमले कर उनकी कमर तोड़ती है।

आदित्यनाथ की टिप्पणी के बाद विपक्ष ने उनकी तीखी आलोचना की थी। कांग्रेस ने कहा था कि ये टिप्पणी सशस्त्र बलों का अपमान है, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे "चौंकाने वाला" कहा था। कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा था, 'योगी आदित्यनाथ ने भारतीय सेना का नाम बदलकर मोदी सेना कर दिया है। यह हमारे सशस्त्र बलों का अपमान है। वे भारत की सशस्त्र सेना हैं, न कि प्रचार मंत्री की निजी सेना। योगी आदित्यनाथ को माफी मांगनी चाहिए।'

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने 19 मार्च को सभी राजनीतिक दलों को एक सलाह जारी कर चुनाव प्रचार के दौरान सैनिकों और सैन्य अभियानों का जिक्र करने से बचने को कहा था। आयोग ने इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए राजनीतिक दलों और राजनेताओं को सोशल मीडिया पर भी सैनिकों और सैन्य अभियान की तस्वीर के प्रसार से बचने को कहा था। पुलवामा के शहीदों और विंग कमांडर अभिनंदन की फोटो के इस्तेमाल के बाद चुनाव आयोग ये निर्देश जारी किए थे। 

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