दैनिक भास्कर हिंदी: मेहुल चोकसी पर कसेगा शिकंजा, प्रत्यर्पण के लिए एंटीगुआ ने मदद का भरोसा दिया

September 27th, 2018

हाईलाइट

  • पीएनबी घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी की गिरफ्तारी को लेकर एंटीगुआ सरकार करेगी भारत की मदद
  • एंटीगुआ सरकार के विदेश मंत्री ईपी चेट ने दिलाया मदद का भरोसा
  • एंटीगुआ सरकार के विशेष आग्रह पर भारत के बीच हुई बैठक

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। PNB घोटाले के आरोपी हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण के मामले में एंटीगुआ सरकार भारत की मदद कर सकती है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से एंटीगुआ के विदेश मंत्री ईपी चेट ने मुलाकात के बाद भारत सरकार को मदद का भरोसा दिलाया है। ईपी चेट ने कहा, हम भारत से भागे भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी के जल्द प्रत्यर्पण में भारत की हर संभव मदद करेंगे। 

संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान दोनों सरकारों के बीच मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण को लेकर बात हुई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, कि एंटीगुआ के विदेश मंत्री ने भरोसा दिया कि इस मामले में उनकी सरकार पूरी मदद करेगी। उन्होंने बताया कि बुधवार को हुई बैठक भी एंटीगुआ विदेश मंत्री के आग्रह पर ही हुई। मुलाकात में भी उन्होंने कहा, कि वो व्यक्तिगत रूप से मिलकर यह बताना चाहते थे उनके प्रधानमंत्री और सरकार इस मामले में भारत की मदद करेगी। 

गौरतलब है कि भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी ने एंटीगुआ में शरण ली है। हाल में एंटीगुआ सरकार की ओर से बताया गया था कि भारत की ओर से पुलिस क्लियरेंस मिलने के बाद ही भगोड़े कारोबारी को नागरिकता दी गई। बता दें कि चोकसी के प्रत्यर्पण का मामला एंटीगुआ के अभियोजन विभाग के पास लंबित है। एंटीगुआ ने भारत के साथ प्रत्यर्पण संधि पर पहले ही हस्ताक्षर कर दिए हैं। चोकसी के एंटीगुआ में मौजूद होने की पुष्टि होने के बाद भारतीय एजेंसियां उस तक पहुंचने के लिए हरसंभव विकल्प पर काम कर रही थीं।

मामले को जल्द सुलझाया जाए
एंटीगुआ के विदेश मंत्री से मुलाकात के दौरान सुषमा स्वराज ने एंटीगुआ सरकार से इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने की अपील की है। सुषमा ने कहा, भारत में लोगों की अपेक्षा है कि करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी कर भागे मेहुल चोकसी जैसे भगोड़ों का जल्द प्रत्यर्पण होना चाहिए। इस बारे में भारत पहले की जरूरी दस्तावेज और प्रत्यर्पण का आग्रह कर चुका है।

नहीं हो सकी मेहुल की गिरफ्तारी 
मेहुल की गिरफ्तारी को लेकर भारत ने 3 अगस्त 2018 को प्रत्यर्पण के लिए एंटीगुआ सरकार को आग्रह-पत्र भेजा था। हालांकि इस मामले में करीब डेढ़ महीने बाद भी न तो मेहुल चोकसी को एंटीगुआ सरकार ने गिरफ्तार किया है और न ही उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हुई है।