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किसान आंदोलन: सिंधू बॉर्डर पर डटे किसान, बुराड़ी जाएंगे या नहीं, आज सुबह 8 बजे होगा फैसला

किसान आंदोलन: सिंधू बॉर्डर पर डटे किसान, बुराड़ी जाएंगे या नहीं, आज सुबह 8 बजे होगा फैसला

हाईलाइट

  • सिंघु बॉर्डर पर डटे हैं प्रदर्शनकारी किसान
  • निरंकारी ग्राउंड में जाने से इनकार कर रहे किसान
  • शनिवार सुबह 8 बजे होगी किसान नेताओं की बैठक

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कृषि बिलों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर इकट्ठा हुए हरियाणा और पंजाब के किसानों का प्रदर्शन जारी है। वहीं शुक्रवार को हरियाणा के रास्ते दिल्ली की ओर कूच कर रहे किसानों को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश की इजाजत तो मिल गई, लेकिन वे अब भी सिंघु बॉर्डर पर डटे हैं। किसान बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड में जाने से इनकार कर रहे हैं। वे रात सिंघु बॉर्डर पर ही गुजारेंगे। किसान का आंदोलन सिंघु बॉर्डर पर जारी रहेगा या वे बुराड़ी जाएंगे, इसका फैसला शनिवार सुबह 8 बजे होगा।

दरअसल, सुबह 8 बजे किसान नेताओं की बैठक है, जिसमें ये तय होगा कि आंदोलन को कैसे आगे बढ़ाना है। किसान यूनियन के पंजाब के अध्यक्ष जगजीत सिंह का कहना है सरकार जब तक हमारी मांगें नहीं मानती, काले कानून वापस नहीं लेती, एमएसपी को लेकर चीजें साफ नहीं करती तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।

किसानों का सिंघु बॉर्डर पर हल्ला बोल
बता दें कि ‘दिल्ली चलो’ मार्च के तहत पंजाब और हरियाणा के हजारों किसान सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर इकट्ठा हुए। किसानों को दिल्ली में घुसने से रोकने दिल्ली पुलिस ने हरियाणा सीमा पर भारी संख्या में जवानों को तैनात किया था। सिंघु बॉर्डर पर किसानों को तितरबितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इससे गुस्साए किसानों ने पुलिस पर पथराव किया और बैरीकेड तोड़ दिए। वहीं टीकरी बॉर्डर पर भी पुलिस और किसानों के बीच झड़प हुई। किसानों ने वहां अवरोधक के तौर पर खड़े ट्रकों को जंजीरों से ट्रैक्टर से बांधकर हटाने की कोशिश की। 

प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद गृहमंत्रालय के अधिकारियों ने किसान नेताओं से बात की। इसके बाद, दिल्ली पुलिस के पीआरओ ईश सिंघल ने बताया, किसान नेताओं से चर्चा के बाद आंदोलन कर रहे किसानों को बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई है। इसके बाद दोपहर करीब तीन बजे टीकरी बॉर्डर से किसानों को निरंकारी ग्राउंड ले जाया गया। हालांकि सिंघु बॉर्डर पर किसान देर शाम तक डटे रहे। 
 
नहीं मिली स्टेडियम को जेल बनाने की अनुमति 
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने नौ स्टेडियम को अस्थायी जेल बनाने की अनुमति मांगी थी, ताकि किसानों को वहां रखा जा सके। हालांकि अरविंद केजरीवाल सरकार ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया। गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने पुलिस को भेजे पत्र में कहा, शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का सांविधानिक हक है और इसके लिए उन्हें जेल में नहीं डाला जा सकता। 

छह मेट्रो स्टेशन करने पड़े बंद, कई जगहों पर जाम
किसान मार्च के चलते दिल्ली मेट्रो ने ग्रीन लाइन पर छह स्टेशनों को बंद कर दिया। हालांकि शाम को सभी स्टेशन पर सेवा बहाल कर दी गई। डीएमआरसी का कहना है कि शनिवार से सेवा सामान्य हो जाएगी। इससे पहले, ग्रीन लाइन पर ब्रिगेडियर होशियार सिंह, बहादुरगढ़ सिटी, पंडित श्रीराम शर्मा, टीकरी बॉर्डर, टीकरी कलां और घेवरा स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए हैं। इससे पहले मेट्रो ने कहा था कि शुक्रवार को मेट्रो सेवाएं सिर्फ दिल्ली से एनसीआर की ओर उपलब्ध होगी। एनसीआर के स्टेशनों से दिल्ली की ओर सेवा उपलब्ध नहीं होगी। वहीं प्रदर्शन के चलते दिल्ली के कई इलाकों में जाम लग गया। 

यूपी: किसानों ने किया चक्काजाम, शनिवार को दिल्ली आएंगे किसान 
कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने यूपी में कई जगहों पर चक्काजाम किया। मुजफ्फरनगर में किसानों ने दिल्ली-देहरादून हाईवे को जाम कर दिया। बिजनौर, शामली, बागपत, सहारनपुर में भी भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। मुरादाबाद में भी किसानों ने दिल्ली हाईवे पर जाम लगाया।

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