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Farmers Protest day 56: किसानों को सुप्रीम कोर्ट का समर्थनः ट्रैक्टर रैली पर रोक लगाने से किया इनकार


हाईलाइट

  • किसान आंदोलन का 56वां दिन
  • 25 जनवरी को मामले पर सुनवाई के लिए केंद्र सरकार के अनुरोध को भी ठुकरा दिया
  • मले में हस्तक्षेप करना ठीक नहीं

नई दिल्ली (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने गणतंत्र दिवस पर राजधानी दिल्ली में किसान यूनियनों के निकाले जाने वाली ट्रैक्टर रैली पर रोक लगाने की दिल्ली पुलिस की अर्जी पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। बुधवार को मुख्य न्यायाधीश एस.ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अदालत द्वारा मामले में हस्तक्षेप करना ठीक नहीं है, क्योंकि कानून और व्यवस्था के मुद्दे पर निर्णय लेने का पहला अधिकार पुलिस का है। शीर्ष अदालत ने 25 जनवरी को मामले पर सुनवाई के लिए केंद्र सरकार के अनुरोध को भी ठुकरा दिया और आवेदन को लंबित रखा। इसके बाद केंद्र ने अपना आवेदन वापस ले लिया।

मुख्य न्यायाधीश ने अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा, आप एक्सक्यूटिव हैं, आपके पास पुलिस के माध्यम से भी कार्रवाई करने का अधिकार है.. केंद्र के पास कानून और व्यवस्था पर कार्रवाई करने की शक्तियां हैं, हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे। सोमवार को, शीर्ष अदालत ने कहा था कि ट्रैक्टर रैली पर निर्णय लेने का अधिकार दिल्ली पुलिस का है, न कि अदालत का।

केंद्र ने दिल्ली पुलिस के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया था, जिसमें ट्रैक्टर/ट्रॉली/वाहन मार्च या गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी में किसी भी अन्य तरीके से आयोजित रैली पर रोक लगाने की मांग की थी।

केंद्र ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के संज्ञान में आया है कि विरोध करने वाले व्यक्तियों/संगठनों के समूह ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर एक ट्रैक्टर/ट्रॉली/वाहन मार्च निकालने की योजना बनाई है। केंद्र ने कहा, गणतंत्र दिवस के काम में कोई भी व्यवधान या बाधा न केवल कानून और व्यवस्था के खिलाफ होगी, बल्कि राष्ट्र के लिए भी बहुत बड़ी शमिर्ंदगी होगी।

प्रियंका गांधी का ट्वीट

 'एक तरफ ये सरकार किसानों की सुन नहीं रही दूसरी तरफ जवानों की जिंदगी से खेल रही है। जय जवान जय किसान हमारे देश का नारा है। सिर्फ इसे बार बार दोहराने से काम नहीं चलेगा, इस पर क़ायम रहना देश के शहीदों के प्रति हर नेता का नैतिक फर्ज है'। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।