किसान आंदोलन: टिकैत ने फिर सराकर को चेताया, बोले- कृषि कानूनों की वापसी के बाद ही होगी, किसानों की घर वापसी

Farmers will return home only after return of agricultural laws
किसान आंदोलन: टिकैत ने फिर सराकर को चेताया, बोले- कृषि कानूनों की वापसी के बाद ही होगी, किसानों की घर वापसी
किसान आंदोलन: टिकैत ने फिर सराकर को चेताया, बोले- कृषि कानूनों की वापसी के बाद ही होगी, किसानों की घर वापसी
हाईलाइट
  • 18 फरवरी को रेल रोको आंदोलन करेंगे किसान
  • देशभर में किसान महापंचायतों में हिस्सा लेंगे टिकैत
  • हम सरकार से बात करने के लिए तैयार: टिकैत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े किसान दिल्ली की सीमाओं पर बीते 79 दिन से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि किसानों की ‘घर वापसी’ मोदी सरकार के नए कृषि कानून वापस होने के बाद ही होगी।

टिकैट ने हरियाणा के बहादुरगढ़ में हुई किसान महापंचायत में कहा कि हम देशभर में मार्च निकालेंगे। गुजरात जाकर इसे आजाद करवाएंगे। यह केंद्र के कंट्रोल में है। भारत आजाद है, लेकिन गुजरात के लोग कैद में हैं। अगर वे आंदोलन में शामिल होना चाहें, तो जेल हो जाती है।

हम सरकार से बात करने के लिए तैयार: टिकैत
उन्होंने कहा कि हम पंचायत-प्रणाली को मानने वाले लोग हैं। हम फैसलों के बीच में न पंच बदलते हैं और ना ही मंच बदलते हैं। हमारा दफ्तर पहले भी सिंघु बार्डर पर था और अब भी वहीं रहेगा। हमारे लोग भी वहीं रहेंगे। जो सरकार की लाइन थी बातचीत करने की, उसी लाइन पर वो बातचीत कर ले। सरकार आज बात करना चाहे, तो आज बात कर ले। दस दिन बाद बात करना चाहे, तब कर ले या एक साल बाद बात कर ले। हम बातचीत को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हम दिल्ली की सीमाओं पर लगाई गईं कीलों को निकलवाकर ही अब घर लौटेंगे।

देशभर में किसान महापंचायतों में हिस्सा लेंगे टिकैत
किसानों ने ऐलान किया है कि आने वाले दिनों में दूसरे राज्यों को भी आंदोलन से जोड़ने के लिए देशभर में महापंचायतें की जाएंगी। वहीं भारतीय किसान यूनियन के मीडिया इंचार्ज धर्मेंद्र मलिक ने बताया है कि किसान नेता राकेश टिकैत हरियाणा, महाराष्ट्र और राजस्थान में होने जा रहीं सात किसान महापंचायतों में हिस्सा लेने वाले हैं। रविवार से ये कार्यक्रम शुरू होंगे। इनका मक़सद मोदी सरकार द्वारा लाये गये कृषि कानूनों के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा लोगों का समर्थन हासिल करना है।

18 फरवरी को रेल रोको आंदोलन करेंगे किसान
किसान नेताओं ने 18 फरवरी को देशभर में रेल रोको आंदोलन का ऐलान किया है। राजस्थान में 12 फरवरी से टोल फ्री करने का ऐलान भी किया गया है। किसान नेताओं और सरकार के बीच अब तक 11 बार बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन मुख्य मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई। संयुक्त किसान मोर्चा ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार कानून नहीं वापस ले लेती और MSP की गारंटी नहीं दे देती, तब तक वे लौटने वाले नहीं हैं।

Created On :   12 Feb 2021 2:14 PM GMT

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story