दैनिक भास्कर हिंदी: 21 साल की लड़की की गिरफ्तारी पर बोले थरूर : एक्टिविस्ट जेल में, टेररिस्ट बेल पर , कोर्ट में रो पड़ी दिशा

February 15th, 2021

हाईलाइट

  • कांग्रेस नेता शशि थरूर ने दिशा रवि की गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की
  • जम्मू-कश्मीर डीएसपी दविंदर सिंह की एक तस्वीर साझा की, जो जमानत पर बाहर हैं।
  • दिशा रवि फ्राइडे फॉर फ्यूचर अभियान के संस्थापकों में से एक हैं

डिजिटल डेस्क (भोपाल)। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने किसानों के विरोध प्रदर्शनों से संबंधित टूलकिट को साझा करने में कथित भागीदारी के आरोप में बेंगलुरु की 21 वर्षीय कार्यकर्ता दिशा रवि की गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। थरूर ने अपमानजनक जम्मू-कश्मीर डीएसपी दविंदर सिंह की एक तस्वीर साझा की, जो जमानत पर बाहर हैं।

उन्होंने कहा, एक्टिविस्ट जेल में बंद है, जबकि टेररिस्ट (आतंकवादी) जमानत पर है। आश्चर्य है कि हमारे अधिकारी पुलवामा हमले की सालगिरह को कैसे मनाएंगे? आपके पास इस हेडलाइन के पेयर का जवाब है? 

साथ ही थरूर ने जलवायु कार्यकर्ता की गिरफ्तारी की खबर साझा की। दिशा रवि फ्राइडे फॉर फ्यूचर अभियान के संस्थापकों में से एक हैं और उन्होंने कथित रूप से टूलकिट को संपादित किया और इसे सोशल मीडिया पर आगे बढ़ाया। दिशा को शनिवार को बेंगलुरु के सोलादेवनहल्ली इलाके में उसके घर से गिरफ्तार किया गया।

दिशा की गिरफ्तारी ग्रेटा थनबर्ग द्वारा शेयर की गई टूलकिट को एडिट करने और उसे सर्कुलेट करने के आरोप में की गई है। दिल्ली की अदालत ने दिशा को 5 दिन स्पेशल सेल की कस्टडी में भेजा है। स्वीडन की एक्टिविस्ट ग्रेटा ने किसान आंदोलन के समर्थन में ट्वीट किए थे और इस टूलकिट को शेयर किया था। भारत सरकार ने इस पर ऐतराज जताया तो ट्विटर ने ट्वीट डिलीट कर दिए। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों को खिलाफ केस दर्ज किया। 

दिशा अदालत कक्ष में रो पड़ी...

शनिवार को बेंगलुरु के सोलादेवनहल्ली इलाके से गिरफ्तार दिशा अदालत कक्ष में रो पड़ी और ड्यूटी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट को बताया कि उसने टूलकिट नहीं बनाई है। उसने 3 फरवरी को केवल दो लाइनें संपादित की। बहरहाल, दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा कि आपत्तिजनक विवरण गलती से पब्लिक डोमेन में लीक हो जाने के बाद ग्रेटा से मुख्य दस्तावेज हटाने के लिए कहा गया था। यह दो पंक्तियों के संपादन से कहीं ज्यादा है, जिसका वह दावा करती है।

पुलिस के अनुसार, किसानों के विरोध के दौरान की घटनाएं और 26 जनवरी को लालकिले के पास हिंसा - ये सारी घटनाएं ठीक उसी तरह से हुईं जैसे कि कथित तौर पर टूलकिट में विस्तृत एक्शन प्लान का जिक्र था। दिल्ली पुलिस ने टूलकिट बनाने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124-ए, 120-ए और 153-ए के तहत राजद्रोह, आपराधिक षड्यंत्र और घृणा को बढ़ावा देने के आरोप में 4 फरवरी को एफआईआर दर्ज की थी। टूलकिट को अंतर्राष्ट्रीय जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने भी साझा किया था।  

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