comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

Jamia Shooting: जामिया यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 5 के पास फायरिंग, चार दिन में तीसरी घटना


हाईलाइट

  • जामिया के गेट नंबर 5 पर रात में फायरिंग
  • मौके पर पहुंची पुलिस
  • जामिया के बाहर प्रदर्शन, दो अज्ञात फरार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में रविवार रात फिर गोलीबारी की घटना हुई। यह फायरिंग विश्वविद्यालय के गेट नंबर पांच पर हुई। फायरिंग के दौरान दो अज्ञात देखे गए हैं। गोलीबारी में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फायरिंग की खबर मिलते ही जामिया के बाहर प्रदर्शनकारी जुट गए। 

जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी ने बयान जारी कर कहा कि यूनिवर्सिटी के गेट नंबर पांच पर फायरिंग हुई है। फरार होते हुए दो संदिग्ध देखे गए। एक बदमाश ने लाल रंग की जैकेट पहनी हुई थी। गोलीबारी की घटना के बाद जामिया नगर थाने के बाहर प्रदर्शकारी इकट्ठा हो गए। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है। 

पहले हुई फायरिंग की दो घटनाएं
बता दें इससे पहले भी जामिया और शाहीन बाग में फायरिंग की दो घटनाएं हो चुकी हैं। पहले 30 जनवरी को जामिया मिलिया के बाहर सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर एक लड़के ने गोली चलाई थी। इसमें एक छात्र के हाथ पर गोली लग गई थी। वहीं दूसरी घटना 1 फरवरी को शाहीन बाग में हुई। जहां नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन स्थल से कुछ दूर पर कपिल नाम के एक युवक ने तीन हवाई फायरिंग की थी। 

Jamia Firing: शादी के कपड़ों के पैसे से खरीदी थी आरोपी ने पिस्टल

शाहीन बाग प्रदर्शन के खिलाफ सरिता विहार में प्रदर्शन
शाहीन बाग में जहां सीएए को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है। वहीं सरिता विहार में रविवार को इसके खिलाफ प्रदर्शन हुआ। इस प्रदर्शन में कई लोग पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वो किसी संगठन से नहीं है। वे शाहीन बाग के विरोध प्रदर्शन से परेशान हो गए हैं। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि वो किसी संगठन से नही जुड़े हैं और शाहीन बाग के विरोध प्रदर्शन से परेशान हो गए हैं। हमें काम पर जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। थोड़ी दूर जाने के लिए 3-4 घंटे लग जाते हैं। न तो बच्चे स्कूल जा पा रहे हैं और न ही हम अपने काम पर। इन लोगों को यहां 50 दिन हो गए, इन्हें कोई नही हटा रहा, हम एक दिन विरोध प्रदर्शन करने आ गए तो हमें हिरासत में लिया जा रहा है।
 

कमेंट करें
NW8hn
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।