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हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर ने पार्टी से दिया इस्तीफा


हाईलाइट

  • टिकट वितरण को लेकर आलाकमान से थे नाराज अशोक तंवर
  • हाल ही में विधानसभा चुनाव के लिए बनी समितियों से दिया था इस्तीफा
  • हरियाणा में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान किया जाएगा
  • हरियाणा में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान किया जाएगा

डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और आलाकमान के हालिया फैसलों से नाराज चल रहे कद्दावर नेता अशोक तंवर ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्‍होंने पार्टी की कार्यवाहक राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष सोनिया गांधी को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्‍यता से इस्‍तीफा भेजा है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा की जिद के चलते हाल ही में अशोक तंवर को प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटाकर कुमारी शैलजा को पीसीसी चीफ की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। तंवर ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे में लेन-देन के गंभीर आरोप लगाए थे। 

बता दें कि हरियाणा में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान किया जाएगा। वहीं 24 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। तंवर के फैसले के बाद हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष धर्मपाल मलिक ने तंवर की अनदेखी को बिल्कुल गलत बताया। उन्होंने कहा कि जब परिवार में ऐसा होता है तो नुकसान उठाना पड़ता है। 

समर्थकों के इस्तीफों की झड़ी
इससे पहले टिकट वितरण में अनदेखी से नाराज तंवर ने गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए बनी विभिन्न समितियों से इस्तीफा दे दिया था। अशोक तंवर ने आरोप लगाया था कि हरियाणा कांग्रेस अब 'हुड्डा कांग्रेस' बनती जा रही है। इससे पहले बीते दिनों अशोक तंवर ने आपने समर्थकों के साथ दिल्ली में प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद से ही अशोक तंवर और उसके समर्थकों ने सभी पदों से इस्तीफा देना शुरु कर दिया था।

लगाया था ये आरोप
अशोक तंवर ने कांग्रेस टिकट बेचे जाने का आरोप लगाया था। आरोप में उन्‍होंने कहा था कि सोहना विधानसभा सीट का टिकट पांच करोड़ रुपए में बेचा गया था। हालांकि कांग्रेस प्रत्‍याशियों की घोषणा के बाद खुलासा हुआ कि सोहना से जिस व्‍यक्ति को टिकट दिया गया है उसकी कुल संपत्ति भी पांच करोड़ रुपए नहीं है। इसके बाद अशोक तंवर की बहुत किरकिरी हुई और कुमारी सैलजा ने भी तंवर के बयान पर आपत्ति जताई थी।

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