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वाराणसी में गंगा खतरे के निशान पर, सीएम योगी ने हेलिकॉप्टर से लिया बाढ़ का जायजा

August 04th, 2018 16:51 IST
वाराणसी में गंगा खतरे के निशान पर, सीएम योगी ने हेलिकॉप्टर से लिया बाढ़ का जायजा

हाईलाइट

  • सीएम योगी ने शनिवार को हेलिकॉप्टर से बाढ़ पीड़ित इलाकों का दौरा कर लोगों का हालचाल जाना।
  • सीएम शनिवार को गोंडा में पालहापुर बाढ़ चौकी क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे।
  • यूपी के वाराणसी शहर में गंगा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं।

डिजिटल डेस्क, वाराणसी/गोंडा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को हेलिकॉप्टर से बाढ़ पीड़ित इलाकों का दौरा कर लोगों का हालचाल जाना। सीएम शनिवार को गोंडा में पालहापुर बाढ़ चौकी क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने के लिए पहुंचे। यहां सीएम ने पीड़ितों को तत्काल राहत देने का भरोसा भी दिया। वहीं बात करें पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की, तो यहां गंगा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। यहां लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है।



वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ करीब 1.10 बजे हेलिकॉप्टर से गोंडा पहुंचे थे। इसके बाद सीएम ने पहले सेफ हाउस में तैयारियों व स्थितियों की समीक्षा की। यहां के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने सीएम को बाढ़ पीड़ितों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद यहां सीएम ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और अन्य संगठनों के पदाधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि वे आपदा की इस घड़ी में मिलकर आगे आएं और पीड़ितों की मदद करें।

सीएम योगी ने यहां बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। बाढ़ प्रभावित गांवों के साथ ही बांध भी देखा। उनके साथ सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव व विशेष सचिव मुख्यमंत्री अविनाश कुमार रहे। सीएम ने बाढ़ पीड़ितों को भरोसा दिया कि उनके लिए पूरी सरकार खड़ी है।

प्रति घंटा आधा सेमी बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
गंगा नदी की बात करें तो वह भी लगातार हो रही भारी बारिश के चलते ऊफान पर है। गंगा नदी का जल स्तर बढ़ गया है। वाराणसी और इलाहाबाद में गंगा नदी खतरे के निशान के पास पहुंच गई है। स्थानीय प्रशासन ने यहां अलर्ट जारी कर दिया है। गंगा का बहाव प्रति घंटा आधा सेंटीमीटर बढ़ रहा है।

शनिवार को फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 79.31, छतनाग में 77.34 और नैनी में 77.97 मीटर दर्ज किया गया था। पिछले मंगलवार को फाफामऊ में 78.40, छतनाग में 77.08 और नैनी में 77.82 मीटर दर्ज किया गया था।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।