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गंभीर बोले- अगर मेरे जलेबी खाने से दिल्ली का प्रदूषण बढ़ा है, तो हमेशा के लिए छोड़ सकता हूं


हाईलाइट

  • दिल्ली में प्रदूषण की मीटिंग से नदारद होने पर घिरे गौतम गंभीर ने सोमवार को एक बयान दिया
  • गंभीर ने कहा, मुझे पता है कि बैठक बहुत महत्वपूर्ण थी, लेकिन मैं अनुबंधित था

डिजिटल डेस्क। दिल्ली में प्रदूषण की मीटिंग से नदारद होने पर घिरे भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज और भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने सोमवार को एक बयान दिया है। गंभीर ने इस बयान में 15 नवंबर को दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर शहरी विकास की संसदीय स्थायी समिति की बैठक से लापता होने का कारण बताते हुए कहा, मुझे पता है कि बैठक बहुत महत्वपूर्ण थी, लेकिन मैं कॉन्ट्रेक्ट से बंधा हुआ था। 

BJP सांसद गौतम गंभीर ने कहा- अगर मेरे जलेबी खाने से दिल्ली का पॉल्यूशन बढ़ा है, तो में हमेशा के लिए जलेबी खाना छोड़ सकता हूं। 10 मिनट में ही मुझे ट्रोल करना शुरु कर दिया, अगर इतनी ही मेहनत दिल्ली के पॉल्यूशन को कम करने में की होती तो हम सांस ले पाते।

गौतम गंभीर ने कहा- मैंने जनवरी में अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे और मैं अप्रैल में राजनीति में शामिल हुआ था। संविदात्मक बाध्यता के कारण मुझे भारत-बांग्लादेश मैच में कमेंट्री करने के लिए जाना पड़ा। 11 नवंबर को मुझे मेल मिला और उसी दिन, मैंने उन्हें बैठक में शामिल नहीं होने का कारण भी बताया था।

बता दें कि, दिल्ली में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए अर्बन डेवलपमेंट पर बनी संसद की स्‍टैंडिंग कमेटी ने शुक्रवार को एक मीटिंग बुलाई थी। क्योंकि गंभीर भी इस कमेटी के सदस्‍य हैं, तो उन्हें इस मीटिंग में शामिल होना था। लेकिन गंभीर इस मीटिंग में नहीं पहुंचे थे, बल्कि वह इंदौर में हुए भारत-बांग्लादेश टेस्ट मैच में कमेंट्री करने गए थे।

गंभीर की इस हरकत के कारण उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया गया। वहीं आग में घी डालने का काम गंभीर की ट्विटर पर वायरल हुए एक फोटो ने कर दिया। जिसे देख लोग आग बबूला हो गए और गंभीर को ट्विटर पर खरी-खोटी सुनाना चालू कर दिया था। वायरल फोटो में गंभीर उनके साथी कमेंटेटर और पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्‍मण के साथ इंदौर में पोहा-जलेबी का आनंद लेते हुए दिखाई दे रहे थे। 

इसके बाद से ट्विटर पर गौतम गंभीर को उनकी ‘प्राथमिकताओं के लिए’ लोगों ने जमकर लताड़ लगाई। गंभीर के अलावा मीटिंग में MCD कमिश्‍नर्स और DDA के वीसी भी नहीं पहुंचे थे। इस मीटिंग में कुल 29 लोगों को बुलाया गया था मगर सिर्फ 4 सांसद ही पहुंचे। कमेटी अध्यक्ष जगदंबिका पाल, हसनैन मसूदी, सी आर पाटिल और संजय सिंह ही मीटिंग में मौजूद रहे थे। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।