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मनोज नरवणे बने नए सेना प्रमुख, रावत की मौजूदगी में संभाला कार्यभार


हाईलाइट

  • मनोज मुकुंद नरवणे ने संभाला कार्यभार
  • बिपिन रावत की मौजूदगी में संभाला पद

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने आज (मंगलवार) सेना प्रमुख का पद संभाल लिया है। बिपिन रावत की मौजूदगी में उन्होंने पदभार को ग्रहण किया। नरवणे अभी तक सेना के उपप्रमुख का पद संभाल रहे थे। जनरल मनोज नरवणे देश के 28वें सेना प्रमुख हैं। 

नरवणे आर्मी चीफ बनते ही दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं में शामिल 13 लाख थल सैनियों के प्रमुख बन गए। सेना के उपप्रमुख से पहले लेफ्टिनेंट जनरल मनोज नरवणे इस्टर्न कमांड के प्रमुख थे। इस्टर्न कमांड भारत-चीन की 400 किलोमीटर लंबी सीमा की रखवाली करती है। 

बता दें कि बिपिन रावत आज ही सेना प्रमुख के पद से रिटायर हुए हैं। अब रावत देश के पहले सीडीएस यानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ होंगे। जनरल रावत अब रक्षा मंत्रालय के प्रधान सैन्य सलाहकार और सैन्य मामलों के नए विभाग के प्रमुख होंगे। रावत को सीडीएस नियुक्त किया गया है, वह 65 वर्ष की उम्र यानी 31 मार्च, 2023 तक इस पद पर बने रहेंगे। भारतीय थल सेना ने अपने अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत को उनकी सेवा के अंतिम दिन मंगलवार को गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया। जनरल रावत ने गॉर्ड ऑफ ऑनर लेने से पहले राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का दौरा कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। रावत 16 दिसंबर, 1978 को 11 गोरखा रायफल्स की पांचवीं बटालियन में नियुक्त हुए थे और एक जनवरी, 2017 से देश के थल सेना प्रमुख हैं। 

रक्षा मंत्रालय ने रविवार को थल सेना, नौसेना और वायुसेना के नियमों में संशोधन किया। संशोधन के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ या तीनों सेनाओं का प्रमुख 65 साल तक सेवा में रह सकेगा। पूर्व के नियमों के अनुसार तीनों सेनाओं के प्रमुख 62 साल की आयु तक या तीन साल के लिए रह सकते थे। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 दिसंबर को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद, उसके विशेषाधिकार और कर्तव्य गठित किए थे। सीडीएस चार-सितारा से सुसज्जित होंगे, जो नए सैन्य विभाग की अगुवाई करेंगे।

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