दैनिक भास्कर हिंदी: राम रहीम केस : सोमवार को सजा का ऐलान, फिलहाल सेना की कस्टडी में

August 26th, 2017

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह पर साध्वी से रेप के मामले में पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राम रहीम को रेप का दोषी माना है। सजा का ऐलान 28 अगस्त यानी सोमवार को किया जाएगा। पुलिस ने बाबा को हिरासत में ले लिया है। जज जगदीप सिंह ने ये फैसला सुनाया है।

दोषी करार दिए जाने के बाद गुरमीत राम रहीम को सेना की कस्टडी में पश्चिमी कमान में रखा गया है। राम रहीम रात तक सेना की कस्टडी में रहेंगे। इसके बाद देर रात उन्हें अंबाला जेल शिफ्ट किया जाएगा। फैसले से पहले हरियाणा और पंजाब में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी। फैसले से तुरंत पहले पंचकूला के आसपास बिजली भी काट दी गई। गौरतलब है कि बाबा के लाखों समर्थक पंचकूला में जुटे हुए हैं। उन्हें संभालना अब सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। हालांकि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सेना मुस्तैद है। फैसले के बाद डेरा सच्चा प्रमुख ने अपने समर्थकों से घर जाने के लिए कहा है।

15 साल पुराने मामले में दोषी

गुरमीत राम रहीम पर रेप का ये आरोप 15 साल पुराने मामले में है। आखिरकार साध्वी से रेप के इस मामले में कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दे दिया है। 

एक और मामले में सुनवाई होगी

राम रहीम पर सिरसा के एक पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या का भी आरोप है। पत्रकार ने साध्वी से रेप के मामले का खुलासा किया था। इस मामले में भी सुनवाई होगी। दोषी साबित होने के बाद राम रहीम को 7 से 10 साल तक की सजा हो सकती है।

बाबा का विवादों से पुराना नाता

1998: डेरा की जीप तले एक बच्चा कुचला गया। गांव वालों के साथ डेरे का विवाद हुआ। खबर छापने पर मीडियाकर्मियों को धमकाया गया। बाद में माफीनामे के साथ विवाद खत्म हो गया।

2002: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाते हुए डेरे की एक साध्वी ने गुमनाम पत्र प्रधानमंत्री को भेजा।

10 जुलाई, 2002: डेरा सच्चा सौदा की प्रबंधन समिति के सदस्य रहे कुरुक्षेत्र के रणजीत सिंह की हत्या।

2003: रणजीत सिंह के पिता ने जनवरी 2003 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की थी।

24 सितंबर 2002: हाईकोर्ट ने साध्वी यौन शोषण मामले में गुमनाम पत्र का संज्ञान लेते हुए डेरा सच्चा सौदा की सीबीआई जांच के आदेश दिए।

24 अक्तूबर 2002: सिरसा के सांध्य दैनिक ‘पूरा सच’ के संपादक रामचन्द्र छत्रपति को गोली मारी गई।

16 नवंबर, 2002: सिरसा में मीडिया की महापंचायत बुलाई गई और डेरा सच्चा सौदा का बहिष्कार करने का प्रण लिया।

जनवरी 2003: पत्रकार छत्रपति के बेटे अंशुल ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर सीबीआइ जांच करवाने की मांग की।

10 नवंबर, 2003: सीबीआई को एफआईआर दर्ज कर जांच के आदेश जारी किए।

दिसंबर 2003: सीबीआई ने जांच शुरू कर दी। डेरा के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर जांच पर रोक लगाने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दिया।

नवंबर, 2004: दूसरे पक्ष की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने डेरा की याचिका खारिज कर दी। सीबीआई ने डेरा प्रमुख सहित कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया।

मई, 2007: डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह ने गुरु गोबिंद सिंह जैसी वेशभूषा धारण कर फोटो खिंचवाए और उन्हें अखबारों में छपवाया।

31 जुलाई, 2007: सीबीआई ने हत्या मामलों और साध्वी यौन शोषण मामले में जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी।

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