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बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर संकट के बादल, गोदरेज ग्रुप पहुंचा हाईकोर्ट

July 10th, 2018 20:08 IST
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर संकट के बादल, गोदरेज ग्रुप पहुंचा हाईकोर्ट

हाईलाइट

  • मोदी सरकार के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर संकट के बादल।
  • सरकार ने विक्रोली में गोदरेज ग्रुप की जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव रखा है।
  • अधिग्रहण के खिलाफ गोदरेज ग्रुप ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
  • बुलेट ट्रेन अहमदाबाद- मुंबई के बीच चलाए जाने की योजना है।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी मेट्रो परियोजना के सामने गोदरेज ग्रुप ने नई समस्या खड़ी कर दी है। बुलेट ट्रेन के लिए जमीन अधिग्रहाण के खिलाफ ग्रुप ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दरअसल सरकार ने अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए विक्रोली इलाके में गोदरेज ग्रुप की जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव रखा है। जमीन अधिग्रहण पर आपत्ति जताते हुए गोदरेज ग्रुप ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। 31 जुलाई को इस मामले में सुनवाई की जा सकती है।


दरअसल गोदरेज समूह ने अपनी याचिका में विक्रोली इलाके में जमीन अधिग्रहण को लेकर आपत्ति जताई है। याचिका में मांग की गई है कि बुलेट ट्रेन के रास्ते में बदलाव किया जाए, जिससे समूह की 8.6 एकड़ जमीन बच जाए। गोदरेज समूह इस जमीन का इस्तेमाल अपने इनफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए करना चाहता है। इसलिए बुलेट ट्रेन के लिए उसकी जमीन का अधिग्रहण न किया जाए। 

मुंबई- अहमदाबाद के बीच बन रहे 508.17 किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक का 21 किलोमीटर भाग अंडरग्राउंड होगा। याचिका के मुताबिक बुलेट ट्रेन के अंडरग्राउंड ट्रैक का एक प्रवेश द्वार विक्रोली इलाके में पड़ रहा है। जहां गोदरेज ग्रुप की जमीन है। वहीं किसान और आदिवासी पहले से ही इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। गुजरात के चार किसानों ने भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की हुई है।

पिछले साल सितंबर में पीएम मोदी ने जापान के पीएम शिंजो अबे के साथ अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी थी। देश की पहली बुलेट ट्रेन साढ़े तीन सौ किलोमीटर की स्पीड से चलेगी। इससे अहमदाबाद से मुंबई का सफर तीन घण्टे में तय किया जा सकेगा। सफर के दौरान ट्रेन 12 स्टेशन पर रुकेगी जिनमें से चार महाराष्ट्र में हैं। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 2022 तक का लक्ष्य रखा गया है। 


 

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरु हो चुका हैं। 23 जुलाई से शुरु होने जा रहे एथलेटिक्स त्यौहार में भारतीय दल इस बार 120 खिलाड़ियों के साथ 18 खेलों में दावेदारी पेश करेगा। बता दें 81 खिलाड़ियों के लिए यह पहला ओलंपिक होगा। 120 सदस्यों के इस दल में मात्र दो ही खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता हैं। पी.वी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर तो वहीं मैराकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

भारत पहली बार फेंनसिग में चुनौता पेश करेगा। चेन्नई की भवानी देवी पदक की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 20 साल के बाद घुड़सवारी में वापसी कर रहा है, बेंगलुरु के फवाद मिर्जा तीसरे ऐसे घुड़सवार हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

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युवा कंधो पर दारोमदार

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने जा रहे भारतीय दल में अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं। 120 खिलाड़ियों में से 103 खिलाड़ी 30 से भी कम आयु के हैं। मात्र 17 खिलाड़ी ही 30 से ज्यादा उम्र के होंगे। 

भारतीय दल में 18-25 के बीच 55, 26-30 के बीच 48, 31-35 के बीच 10 तो वहीं 35+ उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे युवा 18 साल के दिव्यांश सिंह पंवार हैं, जो शूटिंग में चुनौता पेश करेंगे, तो वहीं सबसे उम्रदराज 45 साल के मेराज अहमद खान होंगे जो शूटिंग में ही पदक के लिए भी दावेदार हैं।