comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

सरकार अकेले नहीं कर सकती समस्याओं का समाधान : शिव नाडर

October 08th, 2019 11:30 IST
सरकार अकेले नहीं कर सकती समस्याओं का समाधान : शिव नाडर

नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्थापना दिवस पर आयोजित विजयादशमी उत्सव में एचसीएल के चेयरमैन शिव नाडर ने मंगलवार को कहा कि देश तमाम चुनौतियों का सामना कर रहा है, मगर सरकार अकेले सभी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकती। निजी क्षेत्रों, नागरिकों और एनजीओ को भी देश के सामने खड़ी चुनौतियों से निपटने में योगदान देना होगा।

उन्होंने प्राइमरी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी शिक्षा नामक पहल के बारे में बताया कि कैसे देश के कई राज्यों की बेसिक शिक्षा में संस्था खामोशी से क्रांतिकारी परिवर्तन लाने में जुटी हुई है।

उन्होंने कहा, आज हमारे सामने नई चुनौतियां हैं। पिछले कई दशकों तक हमने पोलियो, स्माल पॉक्स, भूख, अशिक्षा, बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं आदि से संघर्ष किया। इन समस्याओं के समाधान के लिए सभी हितधारकों को प्रयास करना होगा, इसमें निजी क्षेत्र और नागरिकों की समान सहभागिता जरूरी है।

डॉ. हेडगेवार ने 1925 में विजयादशमी के मौके पर संघ की स्थापना की थी, तब से संघ हर साल विजयादशमी पर ही स्थापना दिवस मनाता है। यह संघ के साल के सबसे बड़े आयोजनों में से एक है।

कार्यक्रम में बोलते हुए शिव नाडर ने विजयादशमी की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, कार्यक्रम में आमंत्रित किए जाने पर मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। रेशिमबाग का मैदान आज संघ कार्यकतार्ओं के ऊर्जा और उत्साह से जीवंत हो उठा है।

शिव नाडर ने महानगर की ओर से आयोजित पथसंचलन का संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ अवलोकन किया। शिव नाडर और मोहन भागवत ने संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार और द्वितीय सर संघचालक गुरुजी की समाधि पर भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। संघ के इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी उपस्थित थे।

शिव नाडार को संघ के स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में बुलाने के पीछे आरएसएस सूत्रों का कहना है कि वह उद्योगपति और समाजसेवी के साथ आइटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एचसीएल टेक्नॉलोजीज के अध्यक्ष हैं। तमिलनाडु में जन्मे शिव नाडार की प्रतिभाएं कार्यक्षमता और नेतृत्व कौशल का ही प्रमाण है कि विश्व के पांच देशों में 100 से ज्यादा कार्यालय और 30 हजार से ज्यादा कर्मचारी-अधिकारी हैं। चूंकि शिव नाडर सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं, इस नाते इस बार संघ ने उन्हें विजयादशमी उत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया।

कमेंट करें
IL4Ve
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।