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केंद्र सरकार ने खरीफ फसलों की एमएसपी बढ़ाई, धान की एमएसपी 1868 रुपये से बढ़ाकर 1940 की

केंद्र सरकार ने खरीफ फसलों की एमएसपी बढ़ाई, धान की एमएसपी 1868 रुपये से बढ़ाकर 1940 की

हाईलाइट

  • मोदी सरकार का देश के किसानों को तोहफा
  • खरीफ फसलों पर MSP बढ़ाई
  • धान की एमएसपी 72 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बुधवार को 2021-22 क्रॉप ईयर के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 72 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1,940 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया। धान के साथ ही अन्य खरीफ फसलों की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ये फैसला लिया गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी।

तोमर ने कहा कि कृषि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाए जा रहे हैं और भविष्य में भी इसी तरह वृद्धि होती रहेगी। वहीं, नए कृषि कानूनों के विरोध को लेकर तोमर ने कहा कि किसान इन कानूनों पर तार्किक आधार पर अपनी चिंताएं लेकर आएं, सरकार बात करने के लिए तैयार है। कृषि मंत्री ने कहा कि विगत 7 वर्षों में किसान के पक्ष में बड़े निर्णय हुए हैं ताकि किसानों की आमदनी बढ़ सके और उनमें ख़ुशहाली आ सके। एमएसपी 2018 से लागत पर 50% मुनाफ़ा जोड़कर घोषित की जाती है।

केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य पिछले साल के मुकाबले 72 रुपये बढ़कर 1940 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। पिछले साल यह राशि 1868 रुपये प्रति क्विंटल थी। बाजरा पर एमएसपी बढ़ाकर 2150 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2250 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। पिछले साल के मुकाबले एमएसपी में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी तिल (452 रुपये प्रति क्विंटल) में की गई है। इसके बाद तुअर और उड़द (दोनों 300 रुपये प्रति क्विंटल) आते हैं।

धान मुख्य खरीफ फसल है, जिसकी बुवाई दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत के साथ की जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल के एमएसपी बढ़ाने के फैसले से किसानों को यह निर्णय लेने में मदद मिलेगी कि दक्षिण पश्चिम मानसून के आने के साथ किस खरीफ (गर्मी) फसल की बुवाई की जाए। बता दें कि कि एमएसपी वह दर होती है जिस दर से सरकार किसानों से खाद्यान्न खरीदती है।

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