comScore

दिल्ली HC में पीएम मोदी के खिलाफ सुनवाई आज, संसद में गैरहाजिरी पर लगी थी याचिका

June 13th, 2018 10:25 IST
दिल्ली HC में पीएम मोदी के खिलाफ सुनवाई आज, संसद में गैरहाजिरी पर लगी थी याचिका

हाईलाइट

  • आप सांसद संजय सिंह ने कहा मोदी ने चार सालों में 800 रैलियां
  • सार्वजनिक जीवन में बेहद मुखर, लेकिन संसद में साध लेते हैं चुप्पी
  • राष्ट्रीय मुद्दों पर ध्यान नहीं, राजनीतिक बढ़त पर रहता है ध्यान

जिडिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट आज पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ संसद में अनुपस्थिति को लेकर लगाई गई याचिका पर आज सुनवाई करेगा। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी की संसद में 'अनुपस्थिति' को लेकर मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दाखिल की थी। इससे पहले सोमवार को आप के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने ऐसी ही एक याचिका दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दाखिल की है।


4 सालों में संसद को केवल 19 बार संबोधित किया
सिंह ने अपनी याचिका में कहा है कि बीते चार सालों में, पीएम मोदी ने संसद को बमुश्किल 19 बार संबोधित किया होगा। उन्होंने सरकार के विधेयक पर केवल एक बार बोला है, पांच बार उन्होंने अपने मंत्रियों का परिचय दिया है, धन्यवाद प्रस्ताव पर छह बार बोला है और विशेष बहस में केवल दो बार शामिल हुए हैं। संजय सिंह ने कहा यह वही आदमी है, जिसने बीते चार सालों में देशभर में 800 रैलियां की है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने नोटबंदी, महंगाई, किसानों की आत्महत्या, बेरोजगारी, बैंक घोटाले, भीड़ द्वारा पीट-पीट कर मार देने, महिला सुरक्षा जैसे बड़े मुद्दों पर एक बार भी खुलकर बयान नहीं दिया। 

बाहर होते हैं मुखर, संसद में साध लेते हैं चुप्पी 
संजय सिंह ने कहा कि पीएम नरेद्र मोदी मन की बात कार्यक्रम में खुल कर बातें करते हैं, लेकिन जब बात संसद की होती है, तो वह चुप हो जाते हैं। संसद भवन परिसर के अंदर स्थित अपने कार्यालय में होने के बाद भी वह संसद नहीं आते। राष्ट्रीय प्राथमिकताएं को नजरअंदाज करते हुए वह केवल लोकप्रियतामूलक कामों पर ही अधिक ध्यान देते हैं। सिंह ने अपनी याचिका में उच्च न्यायालय से प्रधानमंत्री मोदी को लगातार संसद सत्र में शामिल होने और सांसदों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का जवाब देने के लिए निर्देश देने की मांग की है।

कमेंट करें
BnLeS
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।