comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

व्हाट्सएप कॉल पर सुनवाई वर्चुअल कोर्ट में मुश्किल : सुप्रीम कोर्ट

May 18th, 2020 21:30 IST
 व्हाट्सएप कॉल पर सुनवाई वर्चुअल कोर्ट में मुश्किल : सुप्रीम कोर्ट

हाईलाइट

  • व्हाट्सएप कॉल पर सुनवाई वर्चुअल कोर्ट में मुश्किल : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने व्हाट्सएप कॉल पर एक मामले की सुनवाई करते हुए सोमवार को टिप्पणी की कि वर्चुअल (अप्रत्यक्ष या आभासी) अदालत के माध्यम से मामलों पर सुनवाई मुश्किल है। शीर्ष अदालत कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए लागू राष्ट्रव्यापी बंद के बाद से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई कर रही है।

न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति आर. भानुमती की अध्यक्षता वाली पीठ ने एक व्हाट्सएप कॉल पर एक मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। न्यायमूर्ति मल्होत्रा ने सुझाव दिया कि 20 के बजाय 40 मामलों को आसानी से पीठ द्वारा सुना जा सकता है।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि प्रत्येक वकील इस मामले पर बहस कर के अदालत कक्ष से जा सकते हैं।

न्यायमूर्ति मल्होत्रा ने कहा, वर्चुअल कोर्टरूम मुश्किल है।

शीर्ष पांच वरिष्ठ न्यायाधीशों में से एक और कॉलेजियम में शामिल न्यायमूर्ति भानुमती ने कहा, मैं प्रधान न्यायाधीश से बात करूंगी।

पिछले हफ्ते भारत के प्रधान न्यायाधीश एस. ए. बोबडे ने कहा था कि कोरोनावायरस महामारी ने शीर्ष अदालत के कामकाज पर पुनर्विचार करने को मजबूर किया है, जहां वर्चुअल अदालत का मार्ग अपनाना पड़ रहा है।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट ई-फाइलिंग मॉड्यूल के एक ऑनलाइन डेमो के उद्घाटन पर कहा, हमने अदालत परिसर में भीड़ को कम करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग अपनाई। हमें समय की जरूरतों के हिसाब से बदलना होगा। हमें वर्तमान स्थिति को स्वीकार करना होगा। मानसिकता में बदलाव की जरूरत है। अब पीछे नहीं हटना है।

प्रधान न्यायाधीश बोबडे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस खतरे (कोविड-19) का जवाब देने वाला पहला संस्थान है।

कमेंट करें
GYpfZ
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।