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बारिश और बाढ़ के चपेट में आधा देश, अब तक 1006 लोगों की मौत

July 19th, 2018 19:05 IST

हाईलाइट

  • बाढ़ और बारिश से देश में 1006 लोगों की मौत
  • केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने पेश के किए आंकड़े
  • देश के ज्यादातर राज्यों में स्थिति बदहाल

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। भारत के कई राज्यों में भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बने हुए है। जन-जीवन खासा प्रभावित हो रहा है। केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने संसद में जो आकंड़े पेश किए उसके अनुसार देशभर में 1006 लोगों की मौत प्राकृतिक आपदाओं से हुई है। गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और केरल में बारिश का सबसे ज्यादा कहर देखने को मिल रहा है। दक्षिणी गुजरात में तीन दिनों से लगातार बारिश जारी है। मध्य प्रदेश में रतलाम, होशांगाबाद भोपाल समेत कई शहरों में सड़कें नदियों में तब्दील हो गई हैं। दक्षिणी पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बारिश से लोगों को खासी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। देवभूमि उत्तराखंड में नदियां उफान पर हैं, बारिश से कई जगह जमीन धंसने की घटनाएं भी सामने आई हैं। केरल में हफ्तेभर से जारी बारिश 27 लोगों की जान ले चुकी है।

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गुजरात में भारी बारिश अब तक 31 की मौत
दक्षिणी गुजरात और सौराष्ट्र के कई शहरों में पिछले तीन दिन से बारिश का कहर जारी है। बारिश की मार से जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है, जामनगर में रेल पटरियों पर पानी भर गया है। बारिश के चलते ट्रैक के नीचे की मिट्टी भी खिसक गई जिससे पूरा रूट बंद करना पड़ा है।गुजरात में बारिश और बाढ़ अब तक 31 से ज्यादा लोगों की जान ले चुकी है। बता दें कि गुजरात और आसपास हो रही भारी बारिश से बाढ़ के हालात बने हुए हैं, गुजरात के दस से ज्यादा जिले बाढ़ की चपेट में हैं।

मध्यप्रदेश भी बेहाल
एमपी के कई जिलों मे भारी बारिश के चलते शहरों का एक-दूसरे से संपर्क टूट गया है।विदिशा में दो दिनों से जारी बारिश से शहर को जबलपुर से जोड़ने वाला पुल डूब गया।विदिशा के पास बहने वाली बेतवा नदी आस पास के जिलों में हो रही बारिश से उफान पर है। वहीं सागर बीना सड़क मार्ग पर नरयावली में धसान नदी में उफान के कारण एक परिवार के पांच किसान खेत में बनी छोपड़ी में फंस गए।मध्य प्रदेश में आज भी ग्वालियर, गुना से लेकर रतलाम, इंदौर, उज्जैन तक तेज बरसात जारी रहेगी।

केरल में बारिश के कारण 27 लोगों की मौत
इस महीने केरल में बारिश से कुल 27 लोगों की मौत हो चुकी है। त्रिसूर, अलपुझा और कोट्टायम जिले बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित है।केरल में 29 जून को दक्षिण पश्चिम मानसून के आने के बाद 90 लोगों की मौत हो चुकी है और 27,000 लोग ने राहत शिविरों है।
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।