दैनिक भास्कर हिंदी: हनीट्रैप सेक्सकांड : छत्तीसगढ़ के नेताओं ने हवाला के जरिए भेजी थी रकम

October 2nd, 2019

भोपाल, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। हनीट्रैप सेक्सकांड की महिला किरदारों की जद में सिर्फ मध्य प्रदेश के ही नेता, नौकरशाह और कारोबारी नहीं आए हैं, बल्कि उनका जाल छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गोवा तक फैला हुआ था। छत्तीसगढ़ के नेताओं ने तो इन महिलाओं को हवाला के जरिए और सीधे भोपाल तक रकम भेजने का काम किया है।

हनीट्रैप सेक्सकांड का खुलासा इंदौर में दो महिलाओं के पकड़े जाने के बाद हुआ। उसके बाद पुलिस और एटीएस ने तीन और महिलाओं को भोपाल से पकड़ा। अब मामला एसआईटी (विशेष जांच टीम) के पास है। यह अलग बात है कि बीते नौ दिनों में एसआईटी के बारी-बारी से तीन प्रमुख नियुक्त किए जा चुके हैं। एसआईटी कई महत्वपूर्ण लोगों से संबंधित वीडियो क्लिप से लेकर अन्य लेन-देन के दस्तावेज बरामद कर चुकी है।

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी के हाथ लगी एक डायरी इस बात का खुलासा करती है कि छत्तीगसढ़ के तीन पूर्व मंत्री, दो अफसरों और एक कारोबारी को अपने जाल में फंसाकर महिलाओं ने मोटी रकम वसूली थी। इस डायरी में दर्ज लेखा-जोखा बताता है कि इस गिरोह तक गोवा से हवाला के जरिए रकम भेजी गई और इसके अलावा सीधे भोपाल आकर भी रकम की अदायगी की गई।

डायरी में दर्ज ब्यौरा बताता है कि एक पूर्व मंत्री ने जहां रकम दी, वहीं उसने एनजीओ के लिए भी विशेष फंड दिलाने का वादा किया था।

एसआईटी के हाथ आई डायरी से यह भी पता चला है कि एक पूर्व मंत्री ने मांगी गई रकम दी और लंदन की यात्रा भी कराई। छत्तीसगढ़ के नेताओं और अफसरों को अपने जाल में फंसाने में इस गिरोह की तीन महिलाओं की ही भूमिका सामने आ रही है। भोपाल के रेबेरा टाउन से पकड़ी गई महिला इनकी मुखिया थी और एक छतरपुर निवासी तथा दूसरी राजगढ़ की छात्रा अहम भूमिका निभाती थी। अपने अभियान से हाथ आने वाली रकम में किसकी कितनी हिस्सेदारी होगी यह भी तय होता था। मुखिया को 45 प्रतिशत, छतरपुर निवासी को 25 प्रतिशत और राजगढ़ की छात्रा को कुल रकम में से 30 प्रतिशत मिलता था।

सूत्रों का कहना है कि इस गिरोह में मुख्य भूमिका निभाने वाली पांच महिलाएं ही पकड़ी गई हैं। अभी इनसे जुड़ी अनेकों कॉलेज छात्राएं, छोटे शहरों की महिलाएं, दलाल पकड़ से दूर हैं। इन महिलाओं के तार महाराष्ट्र, गोवा से लेकर अन्य राज्यों तक जुड़े हुए हैं। एसआईटी के हाथ सारी जानकारी आ चुकी है, आगे जांच किस दिशा में बढ़ती है, उसके बाद ही नए राज उजागर हो पाएंगे।