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जेडब्ल्यू मैरियट पर लगा 25000 रुपए का जुर्माना, राहुल बोस को दिए थे 442 रुपए के दो केले

जेडब्ल्यू मैरियट पर लगा 25000 रुपए का जुर्माना, राहुल बोस को दिए थे 442 रुपए के दो केले

हाईलाइट

  • होटल जेडब्ल्यू मैरियट को दो केलों पर "अवैध कर" लगाने के लिए जुर्माना लगाया गया
  • चंडीगढ़ एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने होटल पर 25000 रुपए का जर्माना लगाया
  • होटल ने अभिनेता राहुल बोस को 442.50 रुपए में दो केले दिए थे

डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। चंडीगढ़ एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने शनिवार को होटल जेडब्ल्यू मैरियट को दो केलों पर "अवैध कर" लगाने के लिए दंडित किया। पांच सितारा होटल पर 25,000 रुपये की जुर्माना लगाया गया है। होटल ने अभिनेता राहुल बोस को 442.50 रुपए में दो केले दिए थे। रिकॉर्ड्स को जब्त करने के बाद, होटल को एक कारण बताओ नोटिस दिया गया था, जिसका शनिवार को उन्हें जवाब देना था और व्यक्तिगत सुनवाई में भी भाग लेना था।

इस बात की पुष्टि करते हुए, यूटी असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर (AETC) राजीव चौधरी ने कहा, 'हां, होटल को कर के अवैध संग्रह के लिए दंडित किया गया है - क्योंकि उन्होंने केले पर कर लगाया था जो ताजा फलों की श्रेणी में आते हैं। ये टैक्स फ्री आइटम है। कानून के अनुसार ताजे फलों पर टैक्स नहीं लगाया जा सकता हैं। हमने उन पर जुर्माना लगाया है।' एईटीसी ने कहा कि होटल पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है- सीजीएसटी के तहत 12,500 रुपये और यूटीजीएसटी के तहत 12,500 रुपये। जुर्माना सीजीएसटी अधिनियम की धारा 125 और यूटीजीएसटी अधिनियम की धारा 21 के तहत लगाया गया है।

होटल अधिकारियों से आज 11 बजे तक जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया। होटल अधिकारी हमारे नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। वे व्यक्तिगत सुनवाई के लिए आए थे और उन्होंने ज्यादा समय मांगा था जिसकी हमने अनुमति नहीं दी। चौधरी ने कहा कि नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए और अगर उनसे कोई भी अवैध तरीके से टैक्स वसूलता है तो वह हमसे इसकी शिकायत कर सकते हैं।

एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर मनदीप सिंह बराड़ ने अभिनेता के एक ट्वीट के बाद होटल जेडब्ल्यू मैरियट में दो ताजा केले पर जीएसटी की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया था। बाद में, गुरुवार को एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट की ओर से तीन सदस्यीय टीम गठित की गई जिसने सेक्टर 35 में होटल का दौरा किया और सभी रिकॉर्ड जब्त कर लिए। एक्साइज अधिकारियों ने कहा था कि प्रथम दृष्टया, यह मामला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 का भी उल्लंघन है।

इस कमेटी में असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर राजीव चौधरी, एक्साइज एंड टैक्सेशन अधिकारी आरएल चुघ और अरुण धीर शामिल थे। कमेटी होटल के रिकॉर्ड की जांच करना जारी रखेगी कि क्या वे वास्तव में सरकार के साथ अन्य वस्तुओं पर कर जमा कर रहे हैं या नहीं। होटल अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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