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अमित शाह ने कोरोना से एनसीआर को बचाने के लिए कैसे 3 मुख्यमंत्रियों को किया एकजुट?

July 02nd, 2020 23:00 IST
 अमित शाह ने कोरोना से एनसीआर को बचाने के लिए कैसे 3 मुख्यमंत्रियों को किया एकजुट?

हाईलाइट

  • अमित शाह ने कोरोना से एनसीआर को बचाने के लिए कैसे 3 मुख्यमंत्रियों को किया एकजुट?

नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली में कोरोना के मोर्चे पर काम करते हुए गृहमंत्री अमित शाह को महसूस हुआ कि जब तक पूरे एनसीआर को लेकर एक्शन प्लान नहीं बनता तब तक यह लड़ाई सफल नहीं हो सकती। दिल्ली ही नहीं बल्कि नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद जैसे सभी स्थानों के मद्देनजर कोरोना से बचाने की रणनीति बननी चाहिए। इसे देखते हुए उन्होंने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को एनसीआर के मोर्चे पर लाने की तैयारी की।

इसी सिलसिले में गुरुवार को उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग से तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर एनसीआर को कोरोना प्रूफ बनाने की रणनीति बनाई।

दरअसल, दिल्ली से सटे इलाकों में भी कोरोना की चुनौती गंभीर है। यूपी के नोएडा में 23 सौ से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। वहीं गुरुग्राम में 42 सौ से ज्यादा केस आ चुके हैं। दिल्ली से इन दोनों जगहों पर भारी संख्या में लोगों का आना-जाना रहता है। जिससे कोरोना को रोकने की चुनौती पूरे एनसीआर में खड़ी है।

ऐसे में दिल्ली सहित पूरे एनसीआर के लिए गृहमंत्री अमित शाह ने समग्र प्लान पर काम करना शुरू किया। इसके लिए उन्होंने नीति आयोग के सदस्य वी पाल से भी मशविरा किया था। जिसके बाद तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर रणनीति बनाने की उन्होंने तैयारी की। मीटिंग तय हुई। बैठक में गृहमंत्री अमित शाह ने तीनों राज्यों में कोरोना की रोकथाम के लिए अपनाए जा रहे नए तरीकों को एक दूसरे से शेयर करने पर बल दिया।

इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित तीनों राज्यों के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।

अमित शाह ने दिए 6 खास सुझाव-

1-गृहमंत्री अमित शाह ने एनसीआर में रैपिड एंटीजन टेस्टिंग के जरिए संक्रमण फैलने की दर कम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों को जल्द से जल्द अस्पताल में भर्ती किया जाए। जिससे संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने वाले लोगों की संख्या जितनी कम होगी, संक्रमण का फैलाव उतना ही कम होगा।

2- गृह मंत्री ने एनसीआर में कोरोना संक्रमण की मैपिंग में आरोग्य सेतु और इतिहास एप की मदद लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे कांटैक्ट ट्रेसिंग में मदद मिलेगी।

3- गृहमंत्री अमित शाह ने यूपी और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से एम्स दिल्ली की टेलीमेडिसिन सुविधा का लाभ उठाने को कहा। गृहमंत्री ने बताया कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञ डॉक्टर्स मरीजों को कोविड टेलीमेडिसिन के जरिये सलाह दे रहे हैं। दोनों राज्य इसके बारे में लोगों को जागरूक करें।

4- गृहमंत्री ने कहा कि नए रैपिड एंटीजन टेस्ट से करीब नब्बे प्रतिशत स्क्रीनिंग हो जाती है। देश में टेस्टिंग किट पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। दिल्ली में ऐसी टेस्टिंग चल रही है। लिहाजा हरियाणा और उत्तर प्रदेश भी जरूरत के हिसाब से केंद्र सरकार से रैपिड एंटीजन टेस्ट किट ले सकते हैं।

5- गृहमंत्री ने यूपी और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से कहा कि उनके राज्यों के छोटे अस्पतालों के डॉक्टर्स, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली के विशेषज्ञों से टेली वीडियोग्राफी के माध्यम से कोरोना को लेकर कभी भी गाइडेंस ले सकते हैं। इस सुविधा के बारे में चिकित्सकों को जानकारी दी जाए।

6- गृहमंत्री अमित शाह ने एनसीआर में अधिक टेस्टिंग पर जोर दिया। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अधिक टेस्टिंग से संक्रमण की दर को दस प्रतिशत से कम करने में मदद मिलती है।

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