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स्वामी की मोदी सरकार को सलाह, पाक एयरस्पेस बंद करे तो हमें समुद्री रास्ता बंद करना चाहिए

स्वामी की मोदी सरकार को सलाह, पाक एयरस्पेस बंद करे तो हमें समुद्री रास्ता बंद करना चाहिए

हाईलाइट

  • राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी ने मोदी सरकार को सलाह दी है
  • स्वामी ने कहा कि पाक एयरस्पेस बंद करे तो हमें समुद्री रास्ता बंद करना चाहिए
  • पाकिस्तानी सरकार के मंत्री फवाद चौधरी के बयान के बाद स्वामी ने ये बात कही है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के लिए अपने एयर स्पेस को पूरी तरह से बंद करने के पाकिस्तान के बयान के बाद राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी ने मोदी सरकार को सलाह दी है। स्वामी ने कहा है कि अगर पाकिस्तान भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) बंद कर देता है, तो भारत को कराची बंदरगाह जाने वाले समुद्री जहाजों को भी अरब सागर से नहीं गुजरने देना चाहिए।

स्वामी ने ट्वीट कर कहा, 'नमो सरकार को मेरी सलाह। अगर पाक हमारे वाणिज्यिक और नागरिक विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर देता है, तो भारत को कराची बंदरगाह के लिए अरब सागर (जिसका नाम बदलने की आवश्यकता है) से जाने वाले जहाजों के लिए यह मार्ग बंद कर देना चाहिए।

दरअसल मंगलवार को इमरान खान के मंत्री फवाद चौधरी ने कहा था, 'पीएम इमरान खान भारत के लिए एयर स्पेस को पूरी तरह से बंद करने पर विचार कर रहे हैं। अफगानिस्तान और भारत के बीच होने वाले व्यापार के लिए पाकिस्तानी रास्तों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध भी कैबिनेट की बैठक में सुझाया गया है। इन फैसलों के लिए कानूनी औपचारिकताओं पर विचार किया जा रहा है ... #Modi ने शुरू किया है हम इसे खत्म करेंगे!'

इससे पहले भी पाकिस्तान ने बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया था। पाकिस्तान को अपने इस फैसले की भारी कीमत चुकानी पड़ी थी। उसे भारत के मुकाबले करीब दो सौ करोड़ ज्यादा का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। एयरस्ट्राइक के 140 दिन बाद पाकिस्तान ने अपने एयरस्पेस को खोल दिया था।

बता दें कि 5 अगस्त को भारत के कश्मीर को उठाए गए कदम के बाद, पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल करने में विफल रहा है। उसने इस मुद्दे को लेकर चीन की मदद से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से संपर्क किया था, जिसके बाद एक बंद दरवाजे की बैठक हुई थी। बैठक के बाद अधिकांश सदस्य इस बात पर सहमत दिखे कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।