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कमिश्नर की कुर्सी फंसी तो, पीएम की भतीजी से झपटमारी का खुलासा 24 घंटे में हो गया

October 13th, 2019 14:00 IST
 कमिश्नर की कुर्सी फंसी तो, पीएम की भतीजी से झपटमारी का खुलासा 24 घंटे में हो गया

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2019 (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भतीजी से हुई झपटमारी का मामला दिल्ली पुलिस ने 24 घंटे में सुलझा लेने का दावा किया है। वारदात को अंजाम देने वाले दो बदमाशों में से एक को माल समेत गिरफ्तार कर लिया गया। कहा जा रहा है कि दमयंती बेन मोदी, देश के प्रधानमंत्री की भतीजी हैं। ऐसे में लापरवाही बरतना, दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक और उत्तरी दिल्ली जिले की डीसीपी (उपायुक्त) मोनिका भारद्वाज को भारी पड़ सकता था। लिहाजा पुलिस ने झपटमारों को दबोचने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। वरना यह वही दिल्ली पुलिस है जो, आजकल झपटमारी की वारदातों को चोरी की धाराओं में दर्ज कर आंकड़ों की बाजीगरी करने में जुटी रहती है।

उत्तरी जिला पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार झपटमार का नाम गौरव उर्फ नोनू है। आरोपी को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया गया है। झपटमार के पास से पुलिस ने पीड़िता दमयंती बेन मोदी से झपटा हुआ उनका पर्स, नकदी, मोबाइल और कुछ अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त कर लिए हैं।

उल्लेखनीय है कि, दमयंती बेन मोदी शनिवार को अमृतसर से दिल्ली पहुंची थीं। वे परिवार के साथ उत्तरी दिल्ली के सिविल लाइंस थाना इलाके में स्थित गुजरात समाज भवन में ठहरने के लिए गईं। सुबह सात बजे के आसपास जैसे ही वे ऑटो से उतरने वालीं थीं, उसी वक्त दो बदमाशों ने उनका पर्स झपट लिया और फरार हो गए।

झपटमारों की संख्या दो थी। वे सफेद रंग की स्कूटी पर सवार थे। मामला चूंकि देश के प्रधानमंत्री की भतीजी से झपटमारी का था। ऐसे में लापरवाही का मतलब दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक और उत्तरी दिल्ली जिले की डीसीपी मोनिका भारद्वाज की कुर्सी भी हिल जाना संभावित था। अगर वारदात किसी आम आदमी से होती तो जिला पुलिस दाएं-बाएं करने की भरसक कोशिश कर सकती थी। जैसा इन दिनों दिल्ली के कई जिलों में देखा जा रहा है। लिहाजा पीएम की भतीजी से झपटमारी के मामले को, आनन-फानन में बिना किसी बहानेबाजी और न-नुकूर के सिविल लाइंस थाना पुलिस ने झपटमारी की धारा में ही दर्ज कर लिया।

प्रधानमंत्री की भतीजी से झपटमारी के मामले की तफ्तीश में उत्तरी जिला पुलिस की ईमानदार मेहनत चंद घंटों में ही सामने दिखाई देने लगी। घटना के चंद घंटे बाद ही झपटमारों की पहचान कर ली गई। पहचान कराने में सीसीटीवी फूटेज ने पुलिस की काफी मदद की।

उत्तरी जिला पुलिस के मुताबिक, दूसरा फरार झपटमार दिल्ली के सुलतानपुरी इलाके का रहने वाला है। उसकी तलाश की जा रही है। गिरफ्तार बदमाश के रिश्ते की आंटी सुलतानपुरी में रहती है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल स्कूटी को सुलतानपुरी से जब्त कर लिया है। झपटमारी की वारदात में नोनू के साथ शामिल दूसरे बदमाश की तलाश की जा रही है।

दिल्ली पुलिस प्रवक्ता सहायक पुलिस आयुक्त अनिल मित्तल ने आईएएनएस से एक झपटमार को गिरफ्तार कर लिये जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा, फरार दूसरे आरोपी के संबंध में भी पुलिस को पुख्ता सबूत मिल गए हैं। उसकी गिरफ्तारी भी जल्दी ही कर ली जाएगी।

उल्लेखनीय है कि, बीते सप्ताह रोहिणी जिले के प्रशांत विहार थाने की पुलिस ने दिल्ली राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य ज्योति राठी के साथ हुई झपटमारी की घटना को चोरी में ही दर्ज कर डाला था। ताकि रोहिणी जिले में झपटमारी के मामलों की संख्या को कम दर्शाया जा सके। हालांकि इस मामले में बाद में जिला डीसीपी शंखधर मिश्रा ने मीडिया के जरिये महकमे की छीछालेदर होती देख, मामले के जांच अधिकारी एएसआई सखाराम को निलंबित करने का भी दावा किया था।

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