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देश भयंकर सर्दी की चपेट में, 6 राज्यों में रेड अलर्ट जारी


हाईलाइट

  • ठंड से कांपे उत्तर भारत के राज्य
  • सर्दी से लोगों का हाल बेहाल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में पड़ रही कड़ाके की ठंड ने भले ही 1997 के बाद से 22 साल पुराना अपना रिकॉर्ड तोड़ा है, लेकिन पिछले 100 वर्षो में ऐसा केवल चार बार ही हुआ है, जब इस माह में तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे गया हो। स्काईमेट वेदर के अनुसार, 1901 से 2018 तक केवल चार बार 1919, 1929, 1961 और 1997 में दिसंबर माह में औसत अधिकतम तापमान 20 डिग्री से कम रहा। 26 दिसंबर, 2019 तक औसत अधिकतम तापमान (एमएमटी) 19.85 डिग्री सेल्सियस रहा और अनुमानित अधिकतम तापमान दिसंबर के लिए 19.15 है। यदि ऐसा होता है तो 1977 के बाद 2019 सदी का दूसरा सबसे ठंडा दिसंबर रहेगा।

इस सत्र में दिल्ली में दिसंबर माह में सबसे कम अधिकतम तापमान 18 दिसंबर को 12.2 डिग्री रहा है। एक बार को छोड़ दिया जाए तो 17 दिसंबर के बाद से दिन का अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस से आगे नहीं बढ़ा है। बर्फ से ढकी हिमालय की पहाड़ियों से सर्द उत्तरी हवाओं के बहने के कारण लगातार ठंड के हालात बने हुए हैं।

दिल्ली में 1997 के बाद पहली बार लगातार 11वें दिन भीषण ठंड
ठंड ने दिल्ली में नया रिकार्ड बनाया है। वर्ष 1997 के बाद यह पहला मौका है जब राष्ट्रीय राजधानी में लगातार 11वां दिन बेहद सर्द रहा। स्काईमेट वेदर के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर दिसंबर की शुरुआत से ही भीषण ठंड की चपेट में है। भीषण ठंड के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में अलर्ट जारी किया गया है। इस बार सर्दियों में पड़ रही ठंड पूरे दिल्ली-नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के आसपास के क्षेत्रों में कहर बरपा रही है। सर्द मौसम हालात की घोषणा तब की जाती है, जब मैदानी इलाकों में दिन का तापमान 16 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है।

एक बार को छोड़ दिया जाए तो 17 दिसंबर के बाद से दिन का अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस से आगे नहीं बढ़ा है। बर्फ से ढकी हिमालय की पहाड़ियों से सर्द उत्तरी हवाओं के बहने के कारण लगातार ठंड के हालात बने हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 30 दिसंबर के बाद से ही स्थिति में कुछ सुधार हो सकता है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिससे बारिश होने की संभावना है। फिलहाल अगले 48 घंटों तक कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

रेड अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने आज (रविवार) पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और बिहार के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं मध्यप्रदेश के लिए पीले (ऐंबर) रंग की चेतावनी जारी की है। रेड अलर्ट तब जारी होती है जब मौसम की परिस्थतियां चरम पर होती हैं। 

पंजाब, हरियाणा में भीषण शीत लहर
पंजाब और हरियाणा में भीषण शीत लहर का दौर शनिवार को भी जारी रहा। कुछ स्थानों पर आसमान में बादल छाने के कारण तापमान जमाव बिंदु के करीब तक पहुंच गया। मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दोनों राज्यों में शीत लहर 31 दिसंबर तक जारी रह सकता है। इसके बाद कई क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की भी संभावना है, जिसके बाद आसमान से बादल छंटेंगे। हरियाणा के हिसार में तापमान 0.2 डिग्री और नारनौल में 0.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं रोहतक में 1.8 डिग्री और सिरसा में दो डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। हालांकि कई क्षेत्रों में घना कोहरा छंटने से लोगों को राहत मिली है। अधिकांश क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 0.2 से 5.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

हिमाचल, पारा शून्य से नीचे
हिमाचल प्रदेश में शुष्क मौसम के बावजूद शनिवार को शीतलहर जारी है। राज्य के ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में पारा शून्य से नीचे पहुंच गया है। हिमाचल प्रदेश में शुष्क मौसम के बावजूद शनिवार को शीतलहर जारी है। राज्य के ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में पारा शून्य से नीचे पहुंच गया है।

राजस्थान के 5 शहरों में पारा शून्य के नीचे पहुंचा
राजस्थान के पांच शहरों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चला गया। शुक्रवार रात फतेहपुर में तापमान शून्य से तीन डिग्री सेल्सियस नीचे, जोबनर में शून्य से दो डिग्री नीचे, आबू में शून्य से 1.5 डिग्री नीचे, सीकर में शून्य से 0.8 डिग्री नीचे और चुरू में शून्य से छह डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज हुआ। अन्य शहर जहां पांच डिग्री से कम तापमान दर्ज हुआ उन शहरों में पिलानी (0.4), राजसमंद (1.4), गंगानगर (1.4), अलवर (2.0), उदयपुर (3.2), जयपुर (4.0), अजमेर (4.0) और रामगंजमंडी (4.0) रहे। चार डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ जयपुर पिछले पांच सालों में दिसंबर में सबसे ठंडा रहा, जबकि जोधपुर में 4.4 डिग्री दर्ज किया गया, जोकि 35 सालों में सबसे कम रहा।

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